
ओवैसी की 'सीमांचल न्याय यात्रा' कल से होगी शुरू, क्षेत्रीय मुद्दों पर होगा जोर
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असदुद्दीन ओवैसी कल से बिहार के सीमांचल में अपनी चार दिवसीय सीमांचल न्याय यात्रा की शुरुआत करेंगे. अपनी इस यात्रा के दौरान वह कई इलाकों का दौरा करेंगे और लोगों से बातचीत करेंगे. साथ ही वह अपनी यात्रा में इस इलाके के सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों को भी उजागर करेंगे.
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने बिहार के रण में अकेले उतरने की तैयारियां शुरू कर दी हैं. इसी क्रम में वह बुधवार से अपनी चार दिवसीय सीमांचल यात्रा शुरू करेंगे, जिसको उन्होंने सीमांचल न्याय यात्रा का नाम दिया.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ओवैसी थोड़ी देर में सीमांचल पहुंचेंगे और रात यहीं रुकेंगे. इसके बाद बुधवार सुबह अपनी सीमांचल न्याय यात्रा की शुरुआत करेंगे. इस यात्रा के दौरान वह कई इलाकों का दौरा करेंगे और लोगों से बातचीत करेंगे. साथ ही वह अपनी यात्रा में इस इलाके के सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों को भी उजागर करेंगे.
आरजेडी से गठबंधन की कोशिश
ओवैसी ने अपनी सीमांचल यात्रा के ऐलान से पहले आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के साथ गठबंधन की कोशिश की थी, लेकिन ओवैसी की तमाम कोशिशों के बावजूद आरजेडी की ओर से कोई जवाब नहीं मिला. इसके बाद अब ओवैसी ने बिहार चुनाव में अकेले उतरने का फैसला कर लिया है. 'सीमांचल न्याय यात्रा' इसी तैयारी का हिस्सा है. इस यात्रा के माध्यम से ओवैसी अपने दम पर सीमांचल के लोगों के बीच अपनी पहुंच बनाएंगे.
2020 में जीती थीं पांच सीटें
बिहार का सीमांचल क्षेत्र, जिसमें पूर्णिया, अररिया, किशनगंज और कटिहार जिले शामिल हैं जो प्रदेश में राजनीतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है. इस क्षेत्र में मुसलमानों की आबादी ज्यादा है और ओवैसी की पार्टी यहां अपनी पैठ बनाने की कोशिश कर रही है. पिछले 2020 के विधानसभा चुनाव में AIMIM ने यहां पांच सीटें जीती थीं, लेकिन चार विधायकों के आरजेडी में शामिल होने से पार्टी को झटका लगा था.

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