
ओमप्रकाश राजभर ने मंच से मांगा चंदा, झोली फैलाकर खड़े हुए तो देने को उमड़ पड़ी भीड़
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ओपी राजभर ने बताया कि हम सावधान रथ यात्रा के जरिए जनता को सावधान करने के लिए निकले हैं. हमारी रथ यात्रा लखनऊ से चलकर प्रदेश के 75 जिले होते हुए पटना के गांधी मैदान में समाप्त होगी. शनिवार शाम ओपी राजभर यात्रा लेकर धनघटा विधानसभा के हैसर ब्लाक पहुंचे. यहां राजभर ने जनता से अपील करते हुए कहा कि ₹10 ही हमारी रथ यात्रा को आपके मकान तक पहुंचाएगी.
यूपी में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर एक बार फिर चर्चा में हैं. इस बार वे खुले मंच पर झोली फैलाकर चंदा मांगते देखे गए हैं. राजभर शनिवार शाम संतकबीरनगर जिले में सावधान रथयात्रा लेकर पहुंचे थे. यहां उन्होंने धनघटा विधानसभा के एक निजी विद्यालय में जनसभा की, उसके बाद मंच से ही झोली फैलाकर चंदा मांगा. उन्होंने लोगों से दान में ₹10 की डिमांड की थी. हालांकि, जनता ने भी दिल खोलकर दान किया और काफी देर तक पैसा देने वालों की लाइन लगी रही.
मीडिया से बातचीत में ओपी राजभर ने बताया कि हम सावधान रथ यात्रा के जरिए जनता को सावधान करने के लिए निकले हैं. हमारी रथ यात्रा लखनऊ से चलकर प्रदेश के 75 जिले होते हुए पटना के गांधी मैदान में समाप्त होगी. शनिवार शाम ओपी राजभर यात्रा लेकर धनघटा विधानसभा के हैसर ब्लाक पहुंचे. यहां राजभर ने जनता से अपील करते हुए कहा कि ₹10 ही हमारी रथ यात्रा को आपके मकान तक पहुंचाएगी. राजभर ने गले में चादर डाली और लोगों की तरफ बढ़ गए. देखते ही देखते लोगों ने चादर में पैसे डालने शुरू कर दिए. कुछ ही देर में राजभर की चादर चंदा के पैसों से भर गई. कई लोगों 10, 20, 50 और 100 रुपए तक चंदा में दान किए.
जनता को सवाल पूछने के लिए जागरूक कर रहे हैं
इससे पहले जनसभा में ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि जब भी कोई नेता आपके बीच आए तो उससे आप जातिगत जनगणना को लेकर सवाल करिए. उससे पूछिए- हमारी गणना क्यों नहीं होती. हर 10 साल में गणना करने की नियमावली है तो जनगणना क्यों नहीं होती? जब संविधान एक है. संविधान में शिक्षक एक समान अनिवार्य है तो दो तरह की शिक्षा क्यों और किसानों के कर्जे क्यों माफ नहीं होते? गरीबों के कर्जे माफ क्यों नहीं होते? बच्चों को रोजगार परक शिक्षा क्यों नहीं दी जाती, जिससे देश में बेरोजगारी का स्तर कम हो सके. जब अमीरों पर मुसीबत आती है तो उनका इलाज फ्री हो जाता है. गरीबों का क्यों नहीं होता है?
दो तरह की शिक्षा क्यों दी जाती है?
राजभर ने कहा कि वे इस यात्रा के लिए लोगों को जागरुक कर रहे हैं. जनता जागो और नेताओं से सवाल करो. जैसे नेता सो जाता है सदन में. आप लोग भी कभी-कभी सो जाते हैं. जब एक संविधान है. एक राष्ट्रपति, एक प्रधानमंत्री है तो शिक्षा दो तरीके की क्यों दी जा रही है.

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