
ओडिशा पोस्टर विवादः BJD समर्थकों के साथ झड़प में BJP कार्यकर्ता की मौत, 7 लोग घायल
AajTak
यह खूनी झड़प गंजम जिले के खलीकोट थाना क्षेत्र में पड़ने वाले श्री कृष्णा सरनापुर गांव में बुधवार की रात हुई. इस दौरान मारे गए बीजेपी कार्यकर्ता की पहचान दिलीप कुमार पाहाना (28) के रूप में की गई है, जो गांव का ही रहने वाला था.
ओडिशा के गंजम जिले में सत्तारूढ़ बीजेडी (BJD) और भगवा पार्टी के समर्थकों के बीच झड़प में एक भाजपा (BJP) कार्यकर्ता की मौत हो गई. जबकि सात लोग घायल हो गए. यह वारदात चुनाव प्रचार के लिए पोस्टर लगाने को लेकर हुई. इस घटना के बाद एक बीजेडी विधायक के घर के पास खड़े कई वाहनों में जमकर तोड़फोड़ भी की गई.
यह खूनी झड़प गंजम जिले के खलीकोट थाना क्षेत्र में पड़ने वाले श्री कृष्णा सरनापुर गांव में बुधवार की रात हुई. इस दौरान मारे गए बीजेपी कार्यकर्ता की पहचान दिलीप कुमार पाहाना (28) के रूप में की गई है, जो गांव का ही रहने वाला था.
एक स्थानीय पुलिस अधिकारी ने इस वारदात के बारे में जानकारी देते हुए पीटीआई को बताया कि घायल दिलीप कुमार पाहाना ने एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया.
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, झड़प एक उम्मीदवार के पोस्टर लगाने को लेकर हुई और दोनों पक्षों ने लड़ाई में धारदार हथियारों का इस्तेमाल किया. पुलिस अफसर ने कहा कि घायलों का इलाज सरकारी अस्पताल में चल रहा है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है.
गुस्साए भाजपा कार्यकर्ताओं ने खल्लीकोट विधानसभा सीट के बीजद उम्मीदवार और मौजूदा विधायक सूर्यमणि बैद्य के घर के पास खड़े कई वाहनों में जमकर तोड़फोड़ की और पुलिस स्टेशन के पास सड़क को जाम कर दिया. उन्होंने विधायक और दैतारी बेहरा की गिरफ्तारी की भी मांग की.
राज्य के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने घटना की निंदा की और मृतक के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है. राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) निकुंज बिहारी ढल ने घटना पर चिंता व्यक्त की और जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से तुरंत शांति बहाल करने को कहा है. उन्होंने कहा कि चुनावी हिंसा को रोकने के लिए सभी उपाय किए जाने चाहिए. हालात को काबू करने के लिए गांव में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है.

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









