
ऑस्ट्रेलिया में विदेशी अब नहीं कर पाएंगे ये काम, लाखों भारतीयों पर होगा असर
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ऑस्ट्रेलिया में इस साल चुनाव होने हैं जिसमें आवास की बढ़ती कीमतों का मुद्दा अहम होने वाला है. इसे देखते हुए वहां की सरकार ने विदेशियों के पहले से बने घर खरीदने पर प्रतिबंध लगा दिया है. हर साल लाखों की संख्या में भारतीय ऑस्ट्रेलिया जाते हैं और नए नियम से इन पर असर पड़ेगा.
ऑस्ट्रेलिया में रह रहे विदेशी अब वहां पहले से बने घरों को नहीं खरीद पाएंगे. वहां की सरकार 1 अप्रैल से विदेशियों के ऑस्ट्रेलिया में पहले से बने घरों को खरीदने पर दो साल का रोक लगाने जा रही है. यह कदम प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के नेतृत्व वाली सरकार ने चुनाव के मद्देनजर उठाया है क्योंकि वहां आवास की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं. ऑस्ट्रेलियाई सरकार के इस कदम से बड़ी संख्या में भारतीयों पर असर पड़ेगा क्योंकि लाखों की संख्या में भारतीय पढ़ने के लिए ऑस्ट्रेलिया जाते हैं और फिर अधिकांश वहीं बस जाते हैं.
विदेशियों के घर खरीदने पर प्रतिबंध की घोषणा करते हुए ऑस्ट्रेलिया की आवास मंत्री क्लेयर ओ'नील ने कहा कि विदेशी 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च, 2027 तक पहले से बने घर नहीं खरीद पाएंगे. उन्होंने कहा कि समय सीमा समाप्त होने का बाद विदेशियों के ऑस्ट्रेलिया में घर खरीदने पर लगे प्रतिबंध की समीक्षा की जाएगी ताकि यह तय किया जा सके कि समय सीमा को आगे बढ़ाया जाना चाहिए या नहीं.
दुनिया में सबसे महंगा है ऑस्ट्रेलिया में घर खरीदना
ऑस्ट्रेलिया में घर खरीदना या किराए का घर लेना दुनिया में सबसे अधिक महंगा माना जाता है. इस साल के अंत में ऑस्ट्रेलिया में चुनाव होने हैं जिसमें बढ़ती महंगाई और आवास की समस्या और इसकी महंगाई प्रमुख मुद्दा होने जा रहा है.
ऑस्ट्रेलिया के युवाओं के बीच यह मुद्दा बहुत गंभीर है क्योंकि उन्हें लगता है कि देश में घर की कीमतें इतनी ज्यादा है कि वो कभी अपना घर खरीद ही नहीं पाएंगे. हाल के सालों में ऑस्ट्रेलिया में घरों के किराए भी काफी बढ़ गए हैं.
ब्लूमबर्ग ने प्रॉपर्टी कंसल्टेंसी CoreLogic Inc के हवाले से बताया कि ऑस्ट्रेलिया की राजधानी सिडनी में पिछले 10 सालों में घरों की कीमत में लगभग 70 फीसदी की वृद्धि हुई है, और अब औसत आवास की कीमत लगभग 12 लाख ऑस्ट्रेलियाई डॉलर है (6 करोड़ 62 लाख 92 हजार, 560 रुपये) है.

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