
'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद नए अध्यक्ष के लिए बीजेपी को करना पड़ सकता है और इंतजार
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बीजेपी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के लिए सारी तैयारियां पूरी कर ली हैं. लेकिन पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद बने हालात में बीजेपी को नए अध्यक्ष के लिए और इंतजार करना पड़ सकता है.
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नए अध्यक्ष का चुनाव होना है. केंद्र की सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की अगुवाई कर रही बीजेपी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव को लेकर सारी तैयारियां पूरी कर ली हैं. पार्टी को चुनाव के लिए बस हरी झंडी का इंतजार था. लेकिन अब पहलगाम आतंकी हमले और इसके जवाब में ऑपरेशन सिंदूर के बाद बनी परिस्थितियों में बीजेपी को अपने नए अध्यक्ष के लिए थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है.
बीजेपी के संगठन चुनाव को लेकर स्थिति अभी कुछ खास साफ नहीं है. बीजेपी सूत्रों के अनुसार जेपी नड्डा के बाद अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के लिए सारी प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है. अब केवल ग्रीन सिग्नल मिलने का इंतजार है. पार्टी ने अब तक 14 राज्यों में संगठन चुनाव पूरे कर लिए हैं और 13 राज्यों में नए प्रदेश अध्यक्ष के लिए नाम फाइनल भी किए जा चुके हैं.
बीजेपी के संविधान के मुताबिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव कराने के लिए कम से कम 18 राज्यों में संगठन चुनाव की प्रक्रिया का पूरा होना जरूरी है. जिन राज्यों में चुनाव हुए थे, वहां भी संगठन चुनाव की प्रक्रिया जोरों पर है. महाराष्ट्र, हरियाणा और दिल्ली में भी प्रदेश अध्यक्षों का चुनाव अगले 15-20 दिनों में हो सकता है.
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संगठन की रफ्तार बरकरार
बीजेपी नेताओं के मुताबिक नए अध्यक्ष को लेकर बनी असमंजस की स्थिति के बावजूद संगठन के काम की रफ्तार बरकरार है. एक दिन पहले ही राष्ट्रीय महासचिवों के साथ बैठक कर पार्टी नेतृत्व ने कार्यक्रमों की समीक्षा की. दरअसल, बीजेपी ने पिछले महीने से चार देशव्यापी अभियान शुरू किए थे. पार्टी के स्थापना दिवस पर एक हफ्ते का 'गांव चलो, बस्ती चलो' अभियान की शुरुआत हुई थी. इस अभियान के तहत पार्टी के नेताओं ने देशभर के करीब ढाई लाख गांवों में करीब छह लाख बूथ तक पहुंचकर जनसंपर्क किए.

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