
ऑपरेशन ब्रासटैक्स: जब भारत और पाकिस्तान में जंग होते-होते बची
BBC
भारत का महत्वाकांक्षी सैनिक अभ्यास पाकिस्तान के साथ युद्ध के कगार पर पहुंच गया और पीएम राजीव गांधी इससे बेख़बर थे
सन 1986 के जाड़े के दिन थे. भारत के हज़ारों सैनिक पाकिस्तान से लगी भारत की पश्चिमी सीमा की तरफ़ बढ़ रहे थे.
राजस्थान की तरफ़ जाने वाली हर सड़क पर सैनिक वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई थीं. रेलवे के वैगन हथियारों, टैंकों और वाहनों को सीमा की तरफ़ ले जा रहे थे.
ऑपरेशन ब्रासटैक्स शुरू हो चुका था. दूसरे विश्व युद्ध के बाद इस स्तर का सैनिक अभ्यास पहले कभी नहीं देखा गया था.
प्रोबल दासगुप्ता अपनी हाल ही में प्रकाशित पुस्तक 'जनरल ब्रासटैक्स, द सुंदरजी स्टोरी' में लिखते हैं, "उसी समय पाकिस्तान भी दो तरह के सैनिक अभ्यास कर रहा था, 'सफ़-शिकन' और 'फ़्लाइंग हॉर्स.' 'सफ़-शिकन' में पाकिस्तानी सेना के दक्षिणी इलाके के रिज़र्व सैनिक भाग ले रहे थे और यह राजस्थान सीमा पर बहावलपुर-मारोट इलाके में केंद्रित था. 'फ़्लाइंग हॉर्स' में पाकिस्तान में उत्तरी क्षेत्र के पाकिस्तानी रिज़र्व सैनिक भाग ले रहे थे."
"पाकिस्तानी सैनिक भारतीय सैनिकों के मूवमेंट पर नज़र रखे हुए थे. इतनी बड़ी संख्या में भारतीय सैनिकों के सीमा की तरफ़ बढ़ने ने उन्हें चिंतित कर दिया था."
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