
'ऑटो बेचकर कराया इलाज, फिर भी नहीं बचा बेटा'; छिंदवाड़ा में कफ सिरप से मरे उसैद के पिता का छलका दर्द
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Chhindwara Coldrif Tragedy: मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में जहरीली Coldrif कफ सिरप से 9 मासूम बच्चों की मौत के मामले ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है. परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है. 10 अक्टूबर को मृतक उसैद का जन्मदिन आने वाला था, लेकिन घर में सन्नाटा पसरा है. पिता ने ऑटो बेचकर इलाज कराया, लोगों से कर्ज लिया, लेकिन बेटा न बचा.
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में जहरीली Coldrif कफ सिरप से बच्चों की मौत के बाद पीड़ितों के घरों में मातम छाया है. जिन परिवारों ने अपने मासूमों को बचाने के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया, वे अब टूट चुके हैं और आरोपियों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
3 साल 11 महीने के उसैद के ऑटो चालक पिता यासीन ने रोते हुए बताया कि बेटे के इलाज में करीब साढ़े 3 लाख रुपये खर्च हुए. उनके पास डायलिसिस करवाने के पैसे नहीं थे, इसलिए उन्हें अपना ऑटो बेचना पड़ा. इसके बावजूद वह अपने बेटे को नहीं बचा पाए.
उसैद के पिता ने कहा कि सदमे के कारण उस समय उन्हें पोस्टमार्टम (PM) कराने की सलाह किसी ने नहीं दी. हालांकि, अब वे PM नहीं चाहते. उसैद का इलाज पहले डॉ. अमन सिद्दीकी से होता था, जिन्होंने Coldrif सिरप लिखी थी.
10 अक्टूबर को बर्थडे
मृतक उसैद की मां और दादी का रो-रोकर बुरा हाल है. उन्होंने बताया कि 4 दिन बाद (10 अक्टूबर को) ही उसैद का जन्मदिन आने वाला था. पूरा परिवार उत्साहित था, क्योंकि वे छोटे बेटे के साथ दोनों का केक काटते थे.
कर्ज लेकर इलाज करवाया

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