
एशिया कप में पाकिस्तान से खेलना क्यों भारत की मजबूरी? पूर्व खेल मंत्री ने बताई वजह
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एशिया कप 2025 में भारत-पाकिस्तान मुकाबले को लेकर विरोध जताया गया है. अनुराग ठाकुर ने स्पष्ट किया कि एसीसी व आईसीसी टूर्नामेंट में खेलना अनिवार्य है, जबकि द्विपक्षीय सीरीज नहीं होगी. हरभजन सिंह ने भी पाकिस्तान के खिलाफ खेलने पर व्यक्तिगत आपत्ति जताई, लेकिन सरकारी नीति को स्वीकार किया. मैच सुपर फोर की राह तय करेगा.
एशिया कप 2025 में 14 सितंबर को भारत-पाकिस्तान का मुकाबला होना है. लेकिन इस मैच को लेकर लोगों में नाराजगी भी देखी जा रही है. विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. सोशल मीडिया पर इस मुकाबले को लेकर लोगों में गुस्सा है. हालांकि, पूर्व खेल मंत्री और वर्तमान बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने स्पष्ट किया कि एशियाई क्रिकेट परिषद (ACC) या अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) द्वारा आयोजित टूर्नामेंट में ऐसे मुकाबले टाले नहीं जा सकते.
भारत और पाकिस्तान की आखिरी द्विपक्षीय सीरीज़ 2012/13 में हुई थी. तब से दोनों देशों के बीच मुकाबले केवल एशिया कप, वनडे वर्ल्ड कप और टी20 वर्ल्ड कप जैसे वैश्विक या महाद्वीपीय टूर्नामेंट तक सीमित हैं. मौजूदा मुकाबला ऐसे समय हो रहा है जब अप्रैल में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों पर ऑपरेशन सिंदूर चलाया था. इसके चलते कई पूर्व क्रिकेटरों और प्रशंसकों ने इस मैच का बहिष्कार करने की मांग की थी.
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भारत-पाक मैच पर क्या बोले अनुराग ठाकुर
न्यूज एजेंसी ANI द्वारा साझा एक वीडियो में ठाकुर ने कहा, 'जब एसीसी या आईसीसी के टूर्नामेंट होते हैं तो देशों के लिए खेलना अनिवार्य हो जाता है. अगर वे ऐसा नहीं करते, तो उन्हें टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ेगा या मैच छोड़ना पड़ेगा और अंक दूसरी टीम को मिल जाएंगे. लेकिन भारत पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेलता. हमने वर्षों पहले यह तय कर लिया है कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद बंद नहीं करता, हम द्विपक्षीय क्रिकेट नहीं खेलेंगे.'
पूर्व भारतीय स्पिनर हरभजन सिंह ने भी इस मुद्दे पर राय रखी. एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा, 'भारत-पाकिस्तान मैच हमेशा सुर्खियों में रहते हैं, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के बाद सबने कहा कि पाकिस्तान के साथ न खेला जाए, न व्यापार हो. हम वर्ल्ड चैम्पियनशिप ऑफ लीजेंड्स खेल रहे थे, लेकिन हमने पाकिस्तान के खिलाफ मैच नहीं खेला.'

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