
ऋषि सुनक की 'अमीरी' बन सकती है राह का रोड़ा, बन पाएंगे ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री?
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ब्रिटेन के वित्त मंत्री रह चुके ऋषि सुनक खुद एक कार्यक्रम में कह चुके हैं कि वो बहुत सौभाग्यशाली हैं कि उन्हें अच्छे स्कूल में पढ़ने का मौका मिला, लेकिन वो स्कॉलरशिप पर नहीं पढ़े. फीस की एक-एक पाई उनके माता-पिता के बलिदान ने चुकाई.
भारतीय मूल के ऋषि सुनक जहां ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री बनने की रेस में बेहद आगे चल रहे हैं, वहीं अंतिम समय में उनकी 'अमीरी' राह का रोड़ा बन सकती है. ये हम नहीं कह रहे, बल्कि ब्रिटेन की मीडिया में इस तरह के कयास लगाए जा रहे हैं.
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के इस्तीफा देने के बाद कंजरवेटिव पार्टी का नेता चुने जाने और नए प्रधानमंत्री की रेस में ऋषि सुनक अभी सबसे आगे हैं. अंतिम चरण में उनका मुकाबला विदेश मंत्री लिज़ ट्रस के साथ है, लेकिन मीडिया का एक धड़ा ऋषि सुनक के 'अमीर' होने पर फोकस कर रहा है.
ऋषि सुनक की पत्नी ब्रिटेन की महारानी से ज्यादा अमीर आपको बताते चलें कि ऋषि सुनक, भारतीय आईटी कंपनी इंफोसिस के संस्थापक एन. नारायण मूर्ति के दामाद है. उनकी पत्नी अक्षता मूर्ति के पास इंफोसिस के शेयर हैं और उनकी निजी संपत्ति का मूल्य ब्रिटेन की महारानी की संपत्ति से भी अधिक है. ऐसे में ब्रिटिश मीडिया के एक धड़े का मानना है कि ऋषि सुनक की ये अमीरी उनके प्रधानमंत्री बनने की राह को अटका सकती है. इसकी वजह कोरोना महामारी के बाद जहां देश की ज्यादातर जनता आर्थिक परेशानियों से जूझ रही है, वहां ऋषि सुनक की 'प्रिविलेज्ड' इमेज के चलते लोगों को उनके साथ कनेक्ट होने में दिक्कत हो सकती है.
गुरुवार को स्थानीय मीडिया संस्थान ‘Channel 4 News’ ने अपनी एक खबर में ऋषि सुनक के अमीर बैकग्राउंड से होने को लेकर कई सवाल उठाए थे. इस रिपोर्ट में ऋषि सुनक के पिता यशवीर सुनक के बीबीसी को 2000 में दिए गए एक इंटरव्यू का जिक्र किया गया था. इस इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि विंचेस्टर (ऋषि सुनक का कॉलेज) की फीस देना हमारे लिए एक बड़ी वित्तीय प्रतिबद्धता थी, क्योंकि इसकी फीस साउथंपटन के स्थानीय स्कूल के मुकाबले दोगुनी थी. इस खबर के माध्यम से ऋषि सुनक के पक्ष वाले कैंप के उस दावे पर सवाल खड़े किए गए जिसमें वो ऋषि सुनक को स्कॉलरशिप पर पढ़ने वाला छात्र बता रहे हैं.
ब्रिटेन के वित्त मंत्री की शिक्षा रही एकदम खास हालांकि ब्रिटेन के वित्त मंत्री रह चुके ऋषि सुनक खुद एक कार्यक्रम में कह चुके हैं कि वो बहुत सौभाग्यशाली हैं कि उन्हें अच्छे स्कूल में पढ़ने का मौका मिला, लेकिन वो स्कॉलरशिप पर नहीं पढ़े. फीस की एक-एक पाई उनके माता-पिता के बलिदान ने चुकाई. उन्हें नहीं मामूल कि वो कभी इसका ऋण चुका भी सकते हैं या नहीं. इसी कार्यक्रम में उन्होंने अपनी मां उषा सुनक के परिवार की फार्मेसी में काम करने का अनुभव भी शेयर किया था.
चैनल ने अपनी रिपोर्ट में लैंड रजिस्ट्री से जुड़ी जानकारियां भी दिखाईं कि कैसे मात्र 21 साल की उम्र में ही उन्होंने अपना प्रॉपर्टी पोर्टफोलियो बनाना शुरू कर दिया था. इसके लिए उन्होंने अपने माता-पिता से ब्याज मुक्त ऋण हासिल किया था. खबर में उनकी अमेरिका की लाइफ स्टाइल और गोल्डमैन सैक़्स में जॉब को लेकर भी बात की गई है.

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