
उत्तराखंड में यूनिफॉर्म सिविल कोड के लिए ड्राफ्टिंग कमेटी गठित, जानिए कौन-कौन है शामिल
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उत्तराखंड सरकार ने यूनिफॉर्म सिविल कोड के लिए सुप्रीम कोर्ट की रिटायर्ड जज रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में कमेटी बनाई है. इसमें सिक्किम उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश प्रमोद कोहली, देहरादून के सामाजिक कार्यकर्ता मनु गौड़, उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव शत्रुघन सिंह और दून विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. सुरेखा डंगवाल शामिल हैं.
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में एक कदम बढ़ा दिया है. सीएम ने गुरुवार को एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित कर दी है, जो कानून का ड्राफ्ट तैयार करेगी, जिसे राज्य में लागू किया जाएगा. उत्तराखंड सरकार द्वारा गठित की गई इस कमेटी की अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट की रिटायर्ड जज रंजना प्रकाश देसाई होंगी. सिक्किम उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश प्रमोद कोहली, जनसंख्या नियंत्रण पर काफी समय से काम कर रहे देहरादून के सामाजिक कार्यकर्ता मनु गौड़, सेवानिवृत्त आईएएस एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव शत्रुघन सिंह और दून विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. सुरेखा डंगवाल कमेटी के सदस्य बनाए गए हैं. सीएम धामी ने यह भी कहा कि कमेटी जल्द ही यूसीसी का ड्राफ्ट तैयार करेगी. इसके बाद सरकार इसे लागू कर सकती है. आइए कमेटी के सदस्यों के बारे में जानते हैं.
न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई
न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश रहीं हैं. उनका जन्म 30 अक्टूबर, 1949 को हुआ था. उन्होंने 1970 में एल्फिंस्टन कॉलेज मुंबई से कला में स्नातक और 1973 में गवर्नमेंट लॉ कॉलेज, मुंबई से कानून में स्नातक की परीक्षा उत्तीर्ण की. रंजना देसाई सरकारी अधिवक्ता, अपीलीय साइड, मुंबई उच्च न्यायालय के पद पर रह चुकी हैं. 1996 में उन्हें मुंबई उच्च न्यायालय का न्यायाधीश बनाया गया. 13 सितंबर 2011 को उनकी नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश के रूप में हुई.
न्यायाधीश प्रमोद कोहली

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