
पढ़ाई और प्रॉपर्टी में औसत ब्रिटिश से कहीं आगे, फिर ब्रिटेन में सिखों का रुतबा कनाडा जैसा क्यों नहीं?
AajTak
लंदन में पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग ने एक नाबालिग सिख लड़की का यौन शोषण किया. घटना का पता लगते ही सिख समुदाय भड़क उठा. अब लंदन की सड़कों पर उनका प्रोटेस्ट जारी है. लंदन समेत पूरे ब्रिटेन में सिखों की अच्छी-खासी आबादी है. सामाजिक-आर्थिक तौर पर भी यह समुदाय औसत ब्रिटिश नागरिकों से बेहतर स्थिति में है. फिर कनाडा की बजाए ये देश उतना लोकप्रिय क्यों नहीं?
नाबालिग बच्चियों को बहलाकर उनका यौन शोषण करने वाला ग्रूमिंग गैंग ब्रिटेन में फिर एक्टिव दिख रहा है. इस बार टारगेट ब्रिटिश नहीं, बल्कि एक सिख बच्ची थी. घटना का पता लगते ही सिख समुदाय सड़कों पर आ गया और विरोध प्रदर्शन करने लगा. पाकिस्तानियों की तुलना में सिख समुदाय बेहद मजबूत स्थिति में है. वो पढ़ा-लिखा भी है, और ज्यादा कमाऊ भी. यहां तक कि घर के स्वामित्व के मामले में भी सिख आगे हैं. लेकिन राजनीतिक पकड़ कनाडा जितनी मजबूत नहीं.
सबसे पहले जानते चलें कि हालिया घटना क्या है.
वेस्ट लंदन के हॉनस्लो इलाके में सिख आबादी काफी ज्यादा है. यहीं रहने वाली 16 साल की पंजाबी लड़की को बहलाकर एक ग्रूमिंग गैंग ने उसका यौन शोषण किया. लड़की ने भागने की भी कोशिश की, लेकिन उसे धमकाकर चुप करा दिया गया. घटना का पता लगते ही सिखों ने उसे कब्जे से छुड़ाया. फिलहाल एक आरोपी हिरासत में है और मामले की जांच जारी है.
ग्रूमिंग गैंग ऐसे लोगों का गुट होता है जो नाबालिग बच्चों को धीरे-धीरे जाल में फंसाता है. ग्रूमिंग का मतलब है पहले भरोसा जीतना और फिर शोषण करना. इसका एक टिपिकल सिस्टम है. ये लोग पहले दोस्ती करते हैं, मदद का दिखावा करते हैं और फिर तोहफे देते हुए इमोशनली ट्रैप कर लेते हैं. इसके बाद शुरू होता है यौन शोषण का सिलसिला. ब्रिटेन में ग्रूमिंग गैंग की शिकायतें और मामले दो दशक से भी ज्यादा समय से सुनाई दे रही हैं. हालांकि इनपर रोक के लिए खास एक्शन नहीं हो सका.
पहले ब्रिटिश या विदेशी बच्चियां ही निशाने पर होती थीं, लेकिन सिख समुदाय की लड़कियां भी अब ग्रूमिंग गैंग से बची नहीं. घटना के बाद लंदन के पंजाबियों में काफी गुस्सा दिख रहा है. प्रोटेस्ट हो रहे हैं. इसमें प्रभावित इलाका हॉनस्लो ही नहीं, बल्कि पंजाबी बहुल तमाम क्षेत्र शामिल हैं.
ब्रिटेन में कितने पंजाबी और किस स्थिति में

स्थान लंदन का एक वीवीआईपी इलाका है. एरिया 22 हजार वर्ग मीटर और कीमत 27 अरब 32 करोड़ रुपये. इस जगह पर चीन अपना एक भव्य दूतावास बनाना चाहता है. लेकिन जैसा कि चीन के हर प्रोजेक्ट में शक की गुंजाइश होती है, ऐसा ही यहां भी हो रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक इस दूतावास में चीन 208 गुप्त कमरे भी बना रहा है. क्या होगा इन 208 खुफिया कमरों में.

सोशल मीडिया पर कम से कम 12 वीडियो सामने आए हैं, जिनमें देश के अलग-अलग हिस्सों के मुर्दाघरों में बड़ी संख्या में शव दिखाई दे रहे हैं. ये वीडियो एक ऐसे ईरानी नागरिक द्वारा पोस्ट किए गए हैं, जो दावा करता है कि वह हाल ही में ईरान से बाहर निकला है. इंडिया टुडे की ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT) टीम ने इन वीडियो की विजुअल क्लूज जांचे और लोकेशन की पहचान तेहरान के काहरिज़क फॉरेंसिक मेडिसिन सेंटर के रूप में की.

पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और सेना ने बहावलपुर में आतंकी संगठनों के साथ एक बड़ी गुप्त बैठक की. इस बैठक में लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के 'सेकंड जेनरेशन' यानी अगली पीढ़ी के कमांडरों ने हिस्सा लिया. खुफिया सूत्रों के मुताबिक, हाफिज सईद के बेटे तल्हा सईद और मसूद अजहर के भाई अब्दुल रऊफ जैसे नए चेहरों को आतंकी नेटवर्क की कमान सौंपकर उन्हें भारी फंडिंग दी जा रही है.

रॉबर्ट एफ. कैनेडी जूनियर ने डोनाल्ड ट्रंप की खान-पान की आदतों को लेकर खुलासा करते हुए कहा, 'यात्रा के दौरान ट्रंप केवल फास्ट फूड पर निर्भर रहते हैं, जिसे उनके साथ चलने वाले लोग 'जहर' मानते हैं.' वहीं, ट्रंप अपनी सेहत और उम्र को लेकर उठ रहे सवालों के बीच खुद को फिट बताते हैं, जबकि वे खून पतला करने के लिए एस्पिरिन की भारी खुराक और हाथों के निशान छिपाने के लिए मेकअप का इस्तेमाल करते हैं.

ईरान में करीब 2000 प्रदर्शनकारियों के मौत का आंक़डा सामने आने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है. वहीं ब्रिटिश विदेश मंत्री कूपर ने भी ईरानी राजदूत को लंदन के कार्यालय में तलब प्रदर्शनकारियों की मौत की निंदा की और उस पर सख्त प्रतिबंध लगाने की बात कही. देखें दुनिया आजतक.

थाईलैंड के सिखियो में एक बहुत ही गंभीर ट्रेन हादसा हुआ है. तेज रफ्तार से आ रही एक हाई-स्पीड पैसेंजर ट्रेन पर प्रोजेक्ट की क्रेन गिर गई, जिससे ट्रेन के कई डिब्बे पटरी से उतर गए. इस दुखद हादसे में 22 लोगों की मौत हो गई और लगभग 80 लोग घायल हुए हैं जिनमें से कई की हालत गंभीर बनी हुई है. हादसे के समय ट्रेन में करीब 200 लोग सवार थे.

ईरान में कयासों, अफवाहों और हिंसा का दौर चल रहा है. अब तक 2500 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं. लेकिन सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की सरकार जरा भी नरमी नहीं दिखा रही है और ट्रंप को अभी भी हमले के खिलाफ धमकी दे रही है. इस बीच कई दिनों के बाद आज तेहरान में फोन लाइनें खोली गई है. इसके बाद वहां की जमीनी हालत की जानकारी लोगों को मिल रही है.

ईरान में जारी प्रदर्शनों के बीच अमेरिका ने ईरान से राजनीतिक कैदियों को तुरंत रिहा करने की मांग की है. ट्रंप प्रशासन ने आठ प्रमुख राजनीतिक कैदियों के नामों का जिक्र करते हुए उनकी रिहाई पर जोर दिया है. ये राजनीतिक कैदी मानवाधिकार कार्यकर्ता और सामाजिक कार्यकर्ता हैं, जिनमें नोबेल पुरस्कार विजेता नरगिस मोहम्मदी भी शामिल हैं.





