
ईरान में ख़ामेनेई की मौत पर भारत की ख़ामोशी के पीछे की रणनीति क्या है?
BBC
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली ख़ामेनेई की अमेरिका-इसराइल के हमले में मौत पर भारत प्रतिक्रिया देने से बचता नज़र आया.
भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने गुरुवार को दिल्ली स्थित ईरान के दूतावास में ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अली ख़ामेनेई को श्रद्धांजलि दी.
उन्होंने ईरानी दूतावास में शोक पुस्तिका में भारत की तरफ़ से संकेत भी लिखा.
ईरान के सुप्रीम लीडर अली ख़ामेनेई की शनिवार को अमेरिका-इसराइल के ईरान पर हमले के दौरान मौत हो गई थी.
ख़ामेनेई की मौत के पांच दिन बाद गुरुवार को पहली बार भारत ने संवेदना व्यक्ति की है.
हालांकि, भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने युद्ध के पहले दिन ईरानी विदेश मंत्री सय्यद अब्बास अराग़ची से फ़ोन पर बात ज़रूर की थी लेकिन इस बातचीत के बाद जारी किए गए प्रेस नोट में भारत की तरफ़ से शोक संवेदना प्रकट करने या अमेरिका-इसराइल के हमले की आलोचना करने का कोई ज़िक़्र नहीं था.
भारत ख़ामेनेई की मौत के पांच दिनों तक ख़ामोश रहा. भारत में विपक्षी दलों ने सरकार की ईरान के मुद्दे पर ख़ामोशी को लेकर सवाल उठाए हैं.
साल 2024 में जब एक हेलीकॉप्टर क्रैश में ईरान के तत्कालीन राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की मौत हुई थी तब भारत ने एक दिन का राजकीय शोक घोषित किया था.

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