
ईरान का पलटवार जारी... धमाकों से फिर दहल उठे दुबई, दोहा और अबू धाबी
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मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है. अमेरिका और इज़रायल की सैन्य कार्रवाई के जवाब में ईरान ने चौथे दिन एक बार फिर दुबई, दोहा और अबूधाबी में मिसाइल अटैक किया जिससे ये देश फिर दहल उठे. अब इस पर ट्रंप ने भी प्रतिक्रिया दी है. ट्रंप ने कहा कि जिन देशों को निशाना बनाया गया है वो पहले ईरान के साथ अपेक्षाकृत तटस्थ संबंध रखते थे.
मिडिल ईस्ट में हालात लगातार खराब और तनावपूर्ण होते जा रहे हैं. अमेरिका-इजरायल के हमले के बाद ईरान ने एक बार फिर पलटवार करते हुए दुबई, दोहा और अबू धाबी में मिसाइल अटैक किया है जिससे ये देश दहल उठे हैं. वहीं दूसरी तरफ अमेरिका और इज़रायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद ईरान के एक स्कूल में मृतकों की संख्या बढ़कर 787 हो गई है.
इसको लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान द्वारा पड़ोसी देशों पर जवाबी हमले करना कई लोगों के लिए अप्रत्याशित था, यहां तक कि उनके लिए भी. ट्रंप ने कहा कि जिन देशों को निशाना बनाया गया, वो पहले ईरान के साथ अपेक्षाकृत तटस्थ संबंध रखते थे.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पर कोई भी साफ जवाब नहीं दिया कि क्या अमेरिका युद्ध वाले क्षेत्रों में सैनिकों की तैनाती करेगा. उन्होंने कहा कि वाशिंगटन लंबी अवधि के अभियान के लिए तैयार है. हालांकि ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह दबाव के आगे झुकेगा नहीं, लेकिन वह वार्ता के लिए खुला है.
चौथे दिन में पहुंचा मिडिल ईस्ट संघर्ष
तेहरान ने होर्मुज़ को बंद करने की घोषणा भी की है और चेतावनी दी है कि इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से गुजरने की कोशिश करने वाले किसी भी जहाज को आग के हवाले कर दिया जाएगा. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस जंगल को लेकर यह भी कहा है कि ईरान पर अमेरिका-इज़रायल के हमलों से पहले मिडिल ईस्ट में रह रहे अमेरिकियों को निकालने की कोई पूर्व योजना नहीं थी.
उन्होंने तर्क दिया कि यह ऑपरेशन इतनी तेजी से आगे बढ़ा कि निकासी की व्यवस्था करना संभव नहीं हो सका. ट्रंप ने कहा, 'क्योंकि यह सब बहुत जल्दी हुआ. जब उनसे क्षेत्र में फंसे अमेरिकियों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास था कि ईरान इज़रायल और अन्य देशों पर हमलों की तैयारी कर रहा था, जिसके चलते तत्काल कार्रवाई जरूरी हो गई.

इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध मंगलवार को चौथे दिन में प्रवेश कर गया है. यह संघर्ष पहले से कहीं ज्यादा घातक हो चुका है. ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की हत्या का बदला लेने के लिए ईरान ने मिडिल-ईस्ट के कई हिस्सों में मिसाइलों से हमले तेज कर दिए हैं. इधर इजरायल ने हिजबुल्लाह पर हमला किया. बेरूत के कई इलाकों में IDF ने हमले किए हैं.

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अपने बयान में कहा कि उनका लक्ष्य क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकाने हैं. तेहरान किसी भी क्षेत्रीय देश के साथ युद्ध में नहीं है. ईरान के विदेश मंत्री ने कहा वो पड़ोसी देशों से नहीं, बल्कि उन अमेरिकी बलों से मुकाबला कर रहे है, जो इन देशों की जमीन पर बेस बनाकर तैनात हैं.











