
टॉप ईरानी कमांडर्स के दांतों में लगाई जासूसी चिप, IRGC में भेदिए... खामेनेई तक कैसे पहुंची मोसाद?
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अलग-अलग बयानों में कहा कि यह संयुक्त अभियान ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए चलाया गया था.
अमेरिका और इजरायल के ज्वॉइंट ऑपरेशन में ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत हो गई है. खामेनेई की मौत से ईरान बौखलाया हुआ है. कहा जा रहा है कि इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद ने खामेनेई की सटीक लोकेशन ट्रैक की थी, जिसके बाद यह भीषण हमला किया गया. लेकिन खामेनेई को आखिर कैसे ट्रैक किया गया. इस बारे में पुख्ता और आधिकारिक जानकारी बहुत कम है.
लेकिन इसकी कई तरह की थ्योरीज सामने आई हैं, जिनमें से कुछ बिल्कुल सनसनीखेज हैं और कुछ ऐसे हैं, जिनकी अब आंशिक रूप से पुष्टि हो चुकी है. */ /*-->*/ इस रिपोर्ट में हमने कुछ लोकप्रिय थ्योरीज की पड़ताल की है कि कौन सा दावा विश्वसनीय है और कौन सा महज अटकल है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अलग-अलग बयानों में कहा कि यह संयुक्त अभियान ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए चलाया गया था. खामेनेई की मौत की घोषणा करते हुए ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर उन्हें दुनिया के इतिहास का सबसे बुरा शख्स बताया.
लेकिन ट्रंप द्वारा खामेनेई की मौत के ऐलान से इंटरनेट और सोशल मीडिया पर साजिशी सिद्धांतों की बाढ़ सी आ गई. मोसाद के टूथ फेयरी ऑपरेशन से लेकर IRGC के टॉप कमांडर को भेदिया बनाने तक लोग खामेनेई को मारने के लिए मोसाद और सीआईए की साजिशों के किस्से गढ़ रहे हैं.
वहीं, खामेनेई के समर्थक यह कहकर उनकी छवि को महिमामंडित कर रहे हैं कि संभावित खतरे की जानकारी होने के बावजूद उन्होंने बंकर में छिपने से इनकार कर दिया था.
क्या डेंटल इम्प्लांट से की गई ट्रैकिंग?

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