
'खतरनाक हमले अभी बाकी हैं'... अमेरिकी विदेश मंत्री की ईरान को वार्निंग
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इजरायल और अमेरिका की ओर से ईरान पर की गई संयुक्त सैन्य कार्रवाई के बाद से हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं और हमले लगातार जारी हैं. इस बीच अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio ने कहा कि ईरान के खिलाफ सबसे खतरनाक हमले अभी बाकी हैं.
इजरायल और अमेरिका की सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान के साथ युद्ध चौथे दिन में प्रवेश कर चुका है. इस युद्ध में मिसाइलों और आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल जारी है. बताया जा रहा है कि इजरायली सेना ने तेहरान और बेरुत में एक साथ बमबारी की है.
अब तक अमेरिका के भी 6 सैनिकों की मौत की जानकारी मिली है. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के सबसे खतरनाक हमले अभी बाकी हैं. उन्होंने यह भी माना कि अमेरिका की इस कार्रवाई में शामिल होने का एक कारण इजरायल की अपनी सैन्य योजनाओं को लेकर चिंता भी थी.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि हताहतों की संख्या और बढ़ सकती है. वहीं, जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने कहा कि ईरान में चल रहे अभियानों के समर्थन के लिए अमेरिका मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य तैनाती बढ़ा रहा है.यह भी पढ़ें: ईरान की जंग का भारत के बासमती एक्सपोर्ट पर असर, जानें Iran को क्या-क्या निर्यात करता है इंडियाअमेरिकी ठिकाने हैं ईरान का निशाना ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि उनका टारगेट पूरे क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकाने हैं. वो कहते हैं कि तेहरान क्षेत्रीय देशों के साथ किसी प्रकार की जंग में नहीं है. साथ ही उन्होंने चेतावनी भी दी है कि पूरे क्षेत्र में स्थित अमेरिकी ठिकाने उनके लिए वैध लक्ष्य हैं. ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने बताया कि वो अपने राष्ट्र के साथ खड़े हैं. ईरान चुप नहीं बैठेने वाला है, अपराधों के आगे नहीं झुका जाएगा. मसूद पेजेश्कियान ने कहा कि अस्पतालों पर किए जाने वाले हमले जीवन पर किए गए हमलों के समान हैं, जबकि स्कूलों पर हमले किसी राष्ट्र के भविष्य को निशाना बनाते हैं. उन्होंने इन हमलों को मानवता के सिद्धांतों का खुला उल्लंघन बताया है. वो कहते हैं कि दुनिया को इसकी निंदा करनी चाहिए.

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अपने बयान में कहा कि उनका लक्ष्य क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकाने हैं. तेहरान किसी भी क्षेत्रीय देश के साथ युद्ध में नहीं है. ईरान के विदेश मंत्री ने कहा वो पड़ोसी देशों से नहीं, बल्कि उन अमेरिकी बलों से मुकाबला कर रहे है, जो इन देशों की जमीन पर बेस बनाकर तैनात हैं.

ईरान ने कतर पर 92 बैलिस्टिक मिसाइलें और 17 ड्रोन से हमला किया है. इस हमले में 16 लोग घायल हुए हैं और एक की हालत गंभीर बताई जा रही है. वहीं, कतर का दावा है कि वो 81 मिसाइलें और 11 ड्रोन रोकने में कामयाब रही. कतर ने इस हमले को संप्रभुता का उल्लंघन बताया है और संयुक्त राष्ट्र से हस्तक्षेप की अपील की है.











