
ईरान की 'मोजेक डिफेंस', वो फॉर्मूला जिसके हमलों को नहीं रोक पा रहे अमेरिका-इजरायल
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ईरान और अमेरिका- इज़रायल के बीच टकराव तेज हो गया है. ईरान ने खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी ठिकानों और अहम ढांचागत संरचनाओं पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं. कई देशों में नुकसान और लोगों के मारे जाने की खबर भी सामने आई है. सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने के बाद ईरान अब इजरायल और अमेरिकी ठिकानों पर हमले के लिए 'मोजेक डिफेंस'का सहारा ले रहा है.
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका और इज़रायल के खिलाफ मिसाइलों और ड्रोन की व्यापक कार्रवाई की है. हमलों में बहरीन, कुवैत, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात सहित कई खाड़ी देशों में स्थित सैन्य ठिकानों और अहम ढांचागत इमारतों को निशाना बनाया गया. इन हमलों में यूएई में कम से कम तीन लोगों की मौत और कुवैत-बहरीन में कई लोगों के घायल होने की खबर है. ईरान के सु्प्रीम कमांडर आयतुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने के बाद भी ईरान ने हथियार नहीं डाले हैं और लगातार अमेरिका और इजरायल के सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है. इराक इसके लिए 'मोजेक डिफेंस' फॉर्मूले का इस्तेमाल कर है.
अमेरिका और उसके अरब सहयोगियों ने ईरान की कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे 'अंधाधुंध और गैर-जिम्मेदाराना' बताया है. खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) ने संयुक्त बयान जारी कर संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत आत्मरक्षा और सामूहिक सुरक्षा के अधिकार की पुष्टि की है.
ईरान ने जिन ठिकानों को निशाना बनाया, उनमें एयरपोर्ट, बंदरगाह और सैन्य अड्डे शामिल हैं. हमलों के बाद व्यापार और हवाई यातायात प्रभावित हुआ है. तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम होर्मुज़ को बंद कर दिया गया है, जबकि कई देशों ने ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है.
इसको लेकर रक्षा विशेषज्ञ लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) डीपी पांडे ने कहा कि 'ऑपरेशन लायन राइज के बाद ईरान ने अमेरिका-इज़रायल गठजोड़ के संभावित हमले के लिए व्यापक तैयारी की थी. यह जवाब एक सुविचारित और योजनाबद्ध रणनीति का संकेत देता है. यह युद्ध एकतरफा नहीं होगा और इसकी कीमत सभी पक्षों यहां तक कि खाड़ी देशों को भी चुकानी पड़ सकती है. यह क्षेत्रीय संघर्ष वैश्विक प्रभाव डाल सकता है.'
ईरान ने अब तक किन हथियारों का इस्तेमाल किया?
बैलिस्टिक मिसाइलें: सेज्जिल, शाहाब-3, इमाद, ग़द्र-1 और खुर्रमशहर जैसे मिसाइल सिस्टम, जिनकी मारक क्षमता 2,500 किमी तक है.

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अपने बयान में कहा कि उनका लक्ष्य क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकाने हैं. तेहरान किसी भी क्षेत्रीय देश के साथ युद्ध में नहीं है. ईरान के विदेश मंत्री ने कहा वो पड़ोसी देशों से नहीं, बल्कि उन अमेरिकी बलों से मुकाबला कर रहे है, जो इन देशों की जमीन पर बेस बनाकर तैनात हैं.

ईरान ने कतर पर 92 बैलिस्टिक मिसाइलें और 17 ड्रोन से हमला किया है. इस हमले में 16 लोग घायल हुए हैं और एक की हालत गंभीर बताई जा रही है. वहीं, कतर का दावा है कि वो 81 मिसाइलें और 11 ड्रोन रोकने में कामयाब रही. कतर ने इस हमले को संप्रभुता का उल्लंघन बताया है और संयुक्त राष्ट्र से हस्तक्षेप की अपील की है.











