
ईरान पर रुक नहीं रहे इजरायल के हमले, अब राष्ट्रपति कार्यालय-सुरक्षा परिषद बिल्डिंग को किया तबाह
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इजरायली सेना आईडीएफ ने सोशल मीडिया पोस्ट कर बताया कि हमने ईरान की लीडरशिप को निशाना बनाय. ईरानी सरकार के दफ्तरों, सैन्य प्रतिष्ठानों और सेंट्रल हेडक्वार्टर को नष्ट कर दिया गया.
ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले थमने का नाम नहीं ले रहे. इजरायल की वायुसेना ने रातोरात ईरान के प्रमुख सैन्य ठिकानों पर हमले किए. इनमें ईरान के राष्ट्रपति का ऑफिस सिक्योरिटी काउंसिल की बिल्डिंग भी शामिल है.
इजरायली सेना आईडीएफ ने सोशल मीडिया पोस्ट कर बताया कि हमने ईरान की लीडरशिप को निशाना बनाय. ईरानी सरकार के दफ्तरों, सैन्य प्रतिष्ठानों और सेंट्रल हेडक्वार्टर को नष्ट कर दिया गया.
बता दें कि ये हमला ऐसे समय में हुआ है, जब ईरान की ओर से इजरायल और उन खाड़ी देशों पर, जहां अमेरिकी सैन्यअड्डे मौजूद हैं, मिसाइल और ड्रोन हमलें जारी हैं. यह घटनाक्रम शनिवार से शुरू हुए अमेरिका और इजरायल के नेतृत्व वाले हमलों के बाद सामने आया. ईरान की ओर से जवाबी हमलों ने तनाव को और बढ़ा दिया है.
बयान के अनुसार, इस परिसर में ईरान का सर्वोच्च निर्णय लेने वाला मंच मौजूद था और इसे देश के सबसे कड़े सुरक्षा प्रबंध वाले स्थलों में से एक माना जाता था।
आईडीएफ ने कहा कि इजरायली वायुसेना ने सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर यह हमला किया.पोस्ट में कहा गया कि ईरान का यह कमांड मुख्यालय ईरान की सबसे कड़ी सुरक्षा वाली संपत्तियों में से एक था.

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अपने बयान में कहा कि उनका लक्ष्य क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकाने हैं. तेहरान किसी भी क्षेत्रीय देश के साथ युद्ध में नहीं है. ईरान के विदेश मंत्री ने कहा वो पड़ोसी देशों से नहीं, बल्कि उन अमेरिकी बलों से मुकाबला कर रहे है, जो इन देशों की जमीन पर बेस बनाकर तैनात हैं.

ईरान ने कतर पर 92 बैलिस्टिक मिसाइलें और 17 ड्रोन से हमला किया है. इस हमले में 16 लोग घायल हुए हैं और एक की हालत गंभीर बताई जा रही है. वहीं, कतर का दावा है कि वो 81 मिसाइलें और 11 ड्रोन रोकने में कामयाब रही. कतर ने इस हमले को संप्रभुता का उल्लंघन बताया है और संयुक्त राष्ट्र से हस्तक्षेप की अपील की है.











