
'अमेरिका के पास इतने हथियार, जिंदगी भर लड़ सकते हैं...', ईरान युद्ध के बीच बोले ट्रंप
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका के पास मीडियम और अपर मीडियम कैटेगरी के हथियारों का अब तक का सबसे बड़ा भंडार है. उन्होंने बताया कि हाई-एंड हथियार अभी दूरदराज के देशों में रखे हुए हैं. हालांकि इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा था कि ईरान के खिलाफ जंग सालों तक नहीं चलेगी.
ईरान के साथ जारी जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश की सैन्य शक्ति और हथियारों की आपूर्ति को लेकर एक बेहद अहम बयान दिया है. ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका के पास हथियारों का इतना बड़ा भंडार है कि वो 'अनंत काल' तक युद्ध लड़ सकता है और जीत भी सकता है.
राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि अमेरिका के पास 'मीडियम' और 'अपर मीडियम' कैटेगरी के गोला-बारूद का स्टॉक अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर है. ट्रंप ने इन हथियारों को दुनिया के किसी भी देश के सर्वश्रेष्ठ हथियारों से बेहतर बताया है.
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, 'हमारे पास इन हथियारों की लगभग असीमित आपूर्ति है. इन हथियारों का इस्तेमाल करके युद्ध अनंत काल तक और बहुत सफलतापूर्वक लड़े जा सकते हैं.'
जो बाइडेन और जेलेंस्की पर साधा निशाना अपने बयान में ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि बाइडेन ने अमेरिका का सारा पैसा और कीमती हथियार यूक्रेन को 'मुफ्त' में दे दिए. यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की का मजाक उड़ाते हुए उन्होंने उन्हें "पी.टी. बार्नम" (एक मशहूर सर्कस दिखाने वाला) बताया.
ट्रंप ने कहा कि बाइडेन ने सैकड़ों अरब डॉलर का सामान तो दे दिया, लेकिन उसे वापस भरने या बदलने की जहमत नहीं उठाई. उन्होंने लिखा, 'खुशकिस्मती से मैंने अपने पहले कार्यकाल में सेना का पुनर्निर्माण किया था और इसे अब भी जारी रखा है.'
उच्च श्रेणी के हथियारों पर नजर भले ही ट्रंप ने मीडियम रेंज के हथियारों पर संतोष जताया, लेकिन उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि 'उच्चतम स्तर' (High-end) के हथियारों के मामले में अमेरिका अभी उस स्तर पर नहीं पहुंचा है, जहां वो होना चाहता है. उन्होंने खुलासा किया कि अमेरिका के बहुत सारे हाई-ग्रेड हथियार अभी भी दूरदराज के देशों में रखे हुए हैं.

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अपने बयान में कहा कि उनका लक्ष्य क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकाने हैं. तेहरान किसी भी क्षेत्रीय देश के साथ युद्ध में नहीं है. ईरान के विदेश मंत्री ने कहा वो पड़ोसी देशों से नहीं, बल्कि उन अमेरिकी बलों से मुकाबला कर रहे है, जो इन देशों की जमीन पर बेस बनाकर तैनात हैं.

ईरान ने कतर पर 92 बैलिस्टिक मिसाइलें और 17 ड्रोन से हमला किया है. इस हमले में 16 लोग घायल हुए हैं और एक की हालत गंभीर बताई जा रही है. वहीं, कतर का दावा है कि वो 81 मिसाइलें और 11 ड्रोन रोकने में कामयाब रही. कतर ने इस हमले को संप्रभुता का उल्लंघन बताया है और संयुक्त राष्ट्र से हस्तक्षेप की अपील की है.











