
इसराइल में पीएम मोदी के भाषण में ग़ज़ा की तकलीफ़ों का ज़िक्र नहीं होने पर सवाल
BBC
पीएम मोदी ने दूसरी बार इसराइल की यात्रा की. दोनों देशों की सरकारों के अलग‑अलग मंत्रालयों और विभागों के बीच 17 समझौते किए गए और 10 घोषणाएँ भी की गईं.
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इसराइल यात्रा के बाद दोनों देशों ने एक संयुक्त बयान जारी किया. इसमें कुल 42 बिंदु थे, जिनमें रक्षा, तकनीक, स्वास्थ्य और कई अन्य मुद्दों को शामिल किया गया.
इसमें दोनों देशों की सरकारों के अलग‑अलग मंत्रालयों और विभागों के बीच 17 समझौते किए गए और 10 घोषणाएँ भी की गईं. पीएम मोदी की इस यात्रा में यह भी स्पष्ट दिखाई दिया कि भारत ने इसराइल का खुलकर साथ दिया.
इसराइल की संसद कनेसेट में भाषण देते हुए मोदी ने कहा, 'भारत इसराइल के साथ है. मज़बूती से, पूरे विश्वास के साथ, इस समय भी और आगे भी."
यह बात उन्होंने 7 अक्तूबर, 2023 को हुए हमास के ''निर्दयी आतंकी हमले'' के संदर्भ में कही, जिसमें करीब 1,200 लोगों की मौत हुई और 250 से ज़्यादा लोगों को बंधक बनाया गया.
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कनेसेट में किसी भारतीय प्रधानमंत्री का पहला भाषण था. इसमें उन्होंने यह भी कहा कि 'किसी भी कारण से निर्दोष लोगों की हत्या को सही नहीं ठहराया जा सकता.'

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