
इमरान खान का लॉन्ग मार्च पाकिस्तान में इतिहास रचने वाला है? : दिन भर, 28 अक्टूबर
AajTak
इमरान खान के इस्लामाबाद मार्च के कामयाब होने की कितनी उम्मीद है, आतंकवाद के मसले पर क्या चीन पाकिस्तान की वजह से घिरेगा, महाराष्ट्र को छोड़ गुजरात में क्यों शिफ्ट हो रही हैं कंपनियां और मस्क अब ट्विटर में किस तरह के बदलाव करेंगे? सुनिए 'दिन भर'.
सत्ता से बेदखल किए जाने के बाद इमरान खान और उनकी पार्टी की जैसी स्थिति है वो किसी से छिपी नहीं है. पर इमरान खान प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और उनकी सरकार को बेनकाब करने में अपनी तरफ से कोई कसर भी नहीं छोड़ रहे. इसके लिए वो न सिर्फ पिछले कुछ महीनों से देश के कई शहरों की यात्रा में है बल्कि उन्होंने आज से 'हकीकी आजादी मार्च' लाहौर से शुरू कर दिया है. ये अगले जुम्मे तक यानी 4 नवंबर को इसलामाबाद पहुंचेगा. इस साल यह दूसरा मौका है जब इमरान ख़ान ने अपने समर्थकों से सड़क पर उतर कर इस्लामाबाद की ओर मार्च करने का ऐलान किया है. इससे पहले मई में भी उन्होंने ऐसी कोशिश की थी, लेकिन तब पाकिस्तान की मुस्लिम लीग (नवाज़) की सरकार ने प्रदर्शन कर रहे लोगों के सामने सुरक्षा बलों को तैनात कर इसे नाकाम कर दिया था. बाद में इमरान ने खुद कहा कि वो सिविल वॉर के स्थिति से बचने के लिए मार्च वापस ले रहे हैं. हालांकि इस बार भी मार्च को लेकर इमरान विरोधियों के निशाने पर रहे. इस मार्च के पीछे का असल मक़सद क्या है और इसके कामयाब होने की कितनी उम्मीद है? 'दिन भर' में सुनने के लिए यहां क्लिक करें.
पाक के चक्कर में घिरेगा चीन?
मुंबई में आज एक अहम मीटिंग हुई. ये मीटिंग है UNSC की जिसका नाम आप अक्सर सुनते हैं. United Nations Security Council. एक संस्था जिसका काम पुरी दुनिया में शांति और सुरक्षा को बनाए रखना है. बैठक की थीम है Countering the use of new and emerging technologies for terrorist purposes. खास बात यह है कि भारत पहली बार इस बैठक की मेजबानी कर रहा है. दो दिन तक मीटिंग चलेगी. पहली मीटिंग आज मुंबई के ताज होटल में हुई. जहां 26/11 का हमला हुआ था. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस मीटिंग में कहा कि 26/11 का हमला सिर्फ मुंबई पर नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर था. दूसरी मीटिंग कल दिल्ली में होगी जिसमें चीन के राजनयिक भी शामिल होंगे. भारत के लिहाज से इस मीटिंग का यहां होना कितना अहम है और मीटिंग में किन किन मुख्य बिंदुओं पर बात हुई? 'दिन भर' में सुनने के लिए यहां क्लिक करें.
महाराष्ट्र क्यों छोड़ रही कंपनियां? रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वडोदरा में एक प्लांट का उद्घाटन करने वाले हैं. इस प्लांट में एयरफोर्स के लिए C-295 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट बनाए जाएंगे. टाटा ग्रुप ने इसके लिए यूरोपियन कंपनी एयरबस से करीब बाइस हज़ार करोड़ रुपए की डील की है. लेकिन मामला जितना सीधा दिख रहा है उतना है नहीं. ऐसा इसलिए क्योंकि सी-295 एयरक्राफ्ट की फैक्ट्री पहले महाराष्ट्र के नागपुर में लगने वाली थी लेकिन अब ये गुजरात चली गई है. इस ख़बर के बाहर आते ही शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे ने उद्योग मंत्री उदय सामंत से इस्तीफे की मांग की है. लेकिन मंत्री उदय सामंत का कहना है कि ये करार 21 सितंबर 2021 में ही हुआ था और तब राज्य में शिंदे-फडणवीस सरकार नहीं बल्कि महाविकास आघाडी सरकार थी. सितंबर के महीने में सेमीकंडक्टर बनाने वाली वेदांता फॉक्सकॉन कंपनी के महाराष्ट्र से गुजरात शिफ्ट हो जाने पर हुआ था. जब टाटा ग्रुप सी-295 एयरक्राफ्ट बनाने के लिए फैक्ट्री महाराष्ट्र में लगाने वाली थी तो फिर ये प्रोजेक्ट गुजरात क्यों शिफ्ट हो गया? 'दिन भर' में सुनने के लिए यहां क्लिक करें.
मस्क को ट्विटर से क्या चाहिए?

Guna Hawala Scandal: गुना का हाईप्रोफाइल हवाला कांड अब एक नई करवट ले रहा है. जहां एक तरफ ट्रेनी IPS आयुष जाखड़ की जांच टीम गुजरात के व्यापारी को बयान के लिए बुला रही है, वहीं दूसरी तरफ निवर्तमान एसपी अंकित सोनी के तबादले ने शहर में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है. 'लेडी सिंघम' हितिका वासल ने कमान संभाल ली है, लेकिन अंकित सोनी के समर्थन में हिंदू संगठन सड़कों पर उतर आए हैं.

इजरायल अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का असर पूरी दुनिया में देखने को मिल रहा है और भारत भी इससे अछूता नहीं है, इस युद्ध के चलते भारत में भी ऊर्जा संकट पैदा हो रहा था, इसी संकट को लेकर पीएम मोदी ने आज संसद में पहली बार सार्वजनिक तौर पर बयान दिया. पश्चिम एशिया में जंग के हालातों पर पीएम मोदी ने लोकसभा में 25 मिनट की स्पीच दी उन्होंने कहा कि तनाव खत्म होना चाहिए. बातचीत से ही समस्या का समाधान है. पीएम ने कहा कि नागरिकों और पावर प्लांट पर हमले मंजूर नहीं हैं. होमुर्ज का रास्ता रोकना स्वीकार नहीं होगा ‘सरकार की कोशिश है कि देश में तेल-गैस संकट न हो. इसके लिए 27 की जगह अब 41 देशों से इंपोर्ट कर रहे हैं. पश्चिम एशिया में एक करोड़ भारतीय रहते हैं. उनकी सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है.

हैदराबाद में आगामी रामनवमी शोभा यात्रा को लेकर गोशामहल के विधायक टी. राजा सिंह ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि साल 2010 से लगातार शोभा यात्रा आयोजित की जा रही है, लेकिन हर साल पुलिस की ओर से बाधाएं खड़ी की जाती हैं. उनका आरोप है कि सिदंबर बाजार, पुराना पुल और बेगम बाजार जैसे इलाकों में विशेष रूप से लाठीचार्ज के लिए टास्क फोर्स तैनात की जाती है. साथ ही उन्होंने दावा किया कि हर साल उनके खिलाफ FIR दर्ज की जाती है और इस बार भी पुलिस अपनी गलतियों का ठीकरा उन पर फोड़ सकती है.










