
'इजरायल के साथ डटकर खड़े हैं', ईरान के हमले के बाद US का बयान, ब्रिटेन बोला- तेहरान अराजकता पर आमदा
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ईरान ने इजरायल बड़े पैमाने पर ड्रोन और मिसाइल से हमला किया है.इन हमलों की वैश्विक जगत ने कड़ी निंदा की है. दरअसल सीरिया में अपने वाणिज्य दूतावास पर हमले के बाद सीरिया ने इजरायल पर यह जवाबी हमला किया है
सीरिया में अपने वाणिज्य दूतावास पर हमले के बाद अब ईरान ने इजरायल पर पलटवार करते हुए करीब 200 ड्रोन और मिसाइल से हमले किए हैं. ईरान ने कहा है कि उसने कुछ खास लक्ष्यों को निशाना बनाने के मकसद से यह हमला किया है. अमेरिका और ब्रिटेन ने कई ड्रोन को मार गिराया है.
हमले के बाद इजरायल ने इमजरेंसी बैठक की है. इजरायल सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि ईरानी हमले पर इजरायली प्रतिक्रिया स्पष्ट और निर्णायक होगी. इस बीच इज़रायल ने कहा है कि वह सभी उड़ानों के लिए अपने एयरस्पेस को बंद कर रहा है क्योंकि यहां ईरानी ड्रोन हमले की आशंका है.
सुरक्षा कैबिनेट पर विचार-विमर्श के बाद इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ बात की है. उन्होंने कहा है कि अमेरिका इजरायल की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है. वहीं इजरायल पर ईरानी हमलों को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने आज एक आपात बैठक बुलाई है. व्हाइट हाउस ने एक बयान जारी करते हुए कहा है कि वह इजरायल की सुरक्षा के लिए दृढ़ संकल्पित है.
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व्हाइट हाउस का बयान
व्हाइट हाउस में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता एड्रिएन वॉटसन ने कहा, अमेरिका इजरायल के लोगों के साथ खड़ा है और ईरान से इस खतरे के खिलाफ उनकी रक्षा का समर्थन करता है. प्रवक्ता ने कहा, "ईरान ने इजरायल के खिलाफ हवाई हमला शुरू कर दिया है और राष्ट्रपति जो बाइडेन की टीम इजरायली अधिकारियों के साथ-साथ अन्य सहयोगियों और सहयोगियों के साथ लगातार संपर्क में है.' बयान के अनुसार, राष्ट्रपति बाइडेन जो मध्य पूर्व के घटनाक्रम के बाद डेलावेयर स्थित अपने घर से वाशिंगटन वापस लौट आए हैं. वह अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम से मुलाकात करेंगे.

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