
इजरायल के विदेश मंत्री का भारत दौरा 4 नवंबर से, PM मोदी से भी करेंगे मुलाकात
AajTak
इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार दो दिन के दौरे पर भारत आ रहे हैं. इस दौरान वह अपने भारतीय समकक्ष एस जयशंकर से मुलाकात करेंगे. उनके पीएम मोदी से भी मुलाकात करने की चर्चा है.
इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार नवंबर के पहले हफ्ते में दो दिन के दौरे पर भारत आएंगे. वह 4 नवंबर को भारत पहुंचेंगे और 5 नवंबर तक नई दिल्ली में रहेंगे. अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ही भारतीय समकक्ष एस जयशंकर से भी मुलाकात करेंगे.
इजरायली विदेश मंत्री अपने भार दौरे में दोनों देशों के द्विपक्षीय मसलों के साथ ही क्षेत्रीय विकास और अन्य मुद्दों पर चर्चा करेंगे. इजरायली विदेश मंत्री गोदान और भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने फरवरी महीने में म्यूनिख में हुए एक कार्यक्रम से इतर भी मुलाकात की थी. तब दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच यमन के हूती विद्रोहियों, ईरान मसले के साथ ही अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई थी.
जयशंकर और गोदान ने इजरायल के जरिये एशिया, यूरोप और अमेरिका को जोड़ने के अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के विजन पर भी बातचीत हुई थी. गौरतलब है कि 2023 के जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान भारत से यूरोप तक, एक इंफ्रास्ट्रक्चर की परियोजना का ऐलान हुआ था. इस परियोजना का उद्देश्य मिडिल ईस्ट के जरिये एशिया को यूरोप से जोड़ना था.
यह भी पढ़ें: 'चाइनीज माल' क्यों साबित हुआ ट्रंप का कराया सीजफायर? फिर जंग के मैदान में इजरायल-हमास, 5 Points
इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस प्रोजेक्ट को ऐतिहासिक बताया था, जो मिडिल ईस्ट और इज़रायल की तस्वीर बदल देगी. बाद में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भी इस परियोजना में रुचि ली और इसके अमेरिका तक विस्तार की बात चली. भारत और इजरायल ने हाल ही में इजरायली वित्त मंत्री स्मोटिच की भारत यात्रा के दौरान द्विपक्षीय निवेश संधि पर हस्ताक्षर किए थे.
यह भी पढ़ें: इजरायल ने गाजा में किए ताबड़तोड़ हमले, 81 मौतों के बाद बोला- सीजफायर फिर से लागू

दिल्ली में कांग्रेस द्वारा मनरेगा बचाओ आंदोलन तेज़ी से जारी है. 24 अकबर रोड स्थित कांग्रेस मुख्यालय के सामने बड़ी संख्या में कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता एकत्रित हुए हैं. यह विरोध प्रदर्शन मनरेगा कानून में किए जा रहे बदलावों के खिलाफ किया जा रहा है. मनरेगा योजना के तहत मजदूरों को रोजगार देने वाली इस योजना में बदलावों को लेकर कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की है.

भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते ने क्षेत्रीय आर्थिक समीकरणों में बड़ा बदलाव ला दिया है. इस ऐतिहासिक डील से पाकिस्तान को निर्यात के क्षेत्र में चुनौती का सामना करना पड़ रहा है. पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने इस डील से पैदा हुए संभावित नकारात्मक प्रभाव से निपटने के लिए यूरोपीय अधिकारियों से संपर्क किया है. यह समझौता दोनों पक्षों के आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को मजबूत करेगा.

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मियां मुसलमानों को लेकर फिर से विवादित बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि अगर राज्य के मियां मुसलमानों को परेशान करना हो तो वह रात दो बजे तक जाकर भी परेशान कर सकते हैं. इसके साथ ही उन्होंने मियां मुसलमानों को पांच रुपए देने की बजाय चार रुपए देने की बात कह कर विवादों को जन्म दिया है. इसपर पर अब विपक्ष हमलावर है.

अमेरिका ने ब्रिटेन, फ्रांस,इजरायल और चार अरब देशों के साथ मिलकर ईरान पर हमले की गुप्त टारगेट लिस्ट तैयार की है. मेन टारगेट न्यूक्लियर साइट्स (फोर्डो, नंटाज, इस्फाहान), IRGC कमांडर्स, बैलिस्टिक मिसाइल फैक्ट्रीज और स्ट्रैटेजिक बेस हैं. ट्रंप ने प्रदर्शनों और न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर धमकी दी है, लेकिन अभी हमला नहीं हुआ. अरब देश युद्ध से डर रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी द्वारा लागू किए गए नए नियमों पर रोक लगा दी है. छात्रों ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा कि यूजीसी का यह कानून छात्रों में भेदभाव उत्पन्न करता है. छात्रों का कहना है कि वे नियमों में बदलाव नहीं बल्कि पुराने नियमों को वापस चाहते हैं. यदि नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया तो वे भविष्य में भी प्रदर्शन जारी रखेंगे.

जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के बाद उनके पैतृक गांव में समाधि दी जाएगी. जुकाम के इलाज में लगाए गए इंजेक्शन के महज 30 सेकंड बाद तबीयत बिगड़ने से मौत का दावा किया जा रहा है. घटना से संत समाज में गहरी नाराजगी है. संतों ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और सोशल मीडिया पर अनर्गल लिखने वालों पर कार्रवाई की मांग की है.

दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने सार्वजनिक शिकायतों के निपटारे में लापरवाही के आरोपों पर राजेंद्र नगर, कन्हैया नगर और अशोक विहार के जोनल रेवेन्यू अधिकारियों और कन्हैया नगर के एक असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर को सस्पेंड कर दिया. अचानक निरीक्षण में प्रशासनिक खामियां मिलने के बाद उन्होंने विभागीय कार्रवाई और प्रभावित जोनों में तत्काल नए अधिकारियों की तैनाती के आदेश दिए हैं.

देश के शिक्षण संस्थानों में दलित और आदिवासी छात्रों और शिक्षकों के साथ होने वाले भेदभाव को खत्म करने के लिए विश्विद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने नए नियम लागू किए थे, जिसे लेकर विरोध इतना बढ़ गया कि मामला अदालत तक पहुंच गया. सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है, जिसे लेकर राजनीतिक दलों के नजरिए अलग-अलग दिखे.





