
इजरायल की मस्जिदों में लाउडस्पीकर बैन, निशाने पर नेतन्याहू सरकार
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इजरायल के रक्षा मंत्री इतामेर बेन ग्विर ने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि वे मस्जिदों में लाउडस्पीकर से अजान करने पर रोक लगाने का निर्देश दिया है. पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि ऐसा नहीं करने की स्थिति पर लाउडस्पीकर को जब्त करने और उस मस्जिद पर जुर्माना लगाने को कहा गया है.
कई मोर्चों पर जंग लड़ रहे इजरायल ने एक और विवादित फैसला लिया है. इजरायल ने देश की मस्जिदों में लाउडस्पीकर से अजान करने पर रोक लगा दी है.
इजरायल के रक्षा मंत्री इतामेर बेन ग्विर ने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि वे मस्जिदों में लाउडस्पीकर से अजान करने पर रोक लगाने का निर्देश दिया है. पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि ऐसा नहीं करने की स्थिति पर लाउडस्पीकर को जब्त करने और उस मस्जिद पर जुर्माना लगाने को कहा गया है.
रिपोर्ट के मुताबिक, पूर्वी यरूशलम और कई दूसरे इलाकों में मस्जिदों से आने वाले तेज शोर की शिकायत के बाद यह कदम उठाया गया है. बेन ग्विर ने पुलिस कमांडरों से कहा है कि वह जल्द एक बिल पेश करेंगे और शोर मचाने वाली मस्जिदों पर जुर्माना बढ़ाया जाएगा.
इस फैसले के खिलाफ इजराइल में ही विरोध की आवाज उठने लगी हैं. इजरायल के कुछ शहरों के मेयर ने कहा है कि हम बेन ग्विर के इस कदम को मुस्लिमों के खिलाफ उकसावे की कार्रवाई के तौर पर देखते हैं, जिससे दंगे फैल सकते हैं.
फिलीस्तीनी नागरिकों ने फैसले की कि निंदा
इजरायली सरकार के इस फैसले से प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू निशाने पर आ गए हैं. फिलीस्तीनियों ने इस फैसले की कड़ी निंदा की है. फिलीस्तीन में फैसले लेने वाली सबसे बड़ी संस्था फिलीस्तीन नेशनल काउंसिल ने इस फैसले को मस्जिदों के खिलाफ अपराध बताते हुए इसकी निंदा की है और इसे धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला बताया है. काउंसिल ने जारी बयान में कहा कि यह धार्मिक स्थलों पर हमला है.

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