
आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के मारे जाने पर भारत में किस तरह की प्रतिक्रिया है
BBC
ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की मौत पर पूरी दुनिया से प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. वहीं भारत में भी काफ़ी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं.
ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की अमेरिका और इसराइल के संयुक्त हमलों में मौत के बाद भारत में भी कई जगहों से प्रतिक्रियाएं आ रही हैं.
ईरान की सरकारी मीडिया ने ख़ामेनेई की मौत की पुष्टि की है. इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि शनिवार को हुए हमलों में ख़ामेनेई की मौत हो गई.
ख़ामेनेई की मौत के बाद कश्मीर और लखनऊ में प्रदर्शन हुए हैं जबकि देश के कई मुस्लिम धर्म गुरुओं ने उनकी मौत पर दुख जताया है.
लखनऊ में एक प्रदर्शनकारी महिला ने कहा, "उन्होंने ख़ामेनेई को धोखे से मारा है. अगर एक ख़ामेनेई मारे गए हैं तो हज़ार ख़ामेनेई उठ खड़े होंगे."
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ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के मारे जाने पर शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद ने कहा, "ये सदी के सबसे दुखद शब्दों में से हैं कि इतनी महान हस्ती, जिसने हमेशा दबे-कुचले लोगों के लिए आवाज़ उठाई, वो चला गया. वो कभी किसी से नहीं डरे, यहाँ तक कि सबसे बड़ी ताक़तों से भी नहीं."
"सबसे बड़ी सुपरपावर ने भी उन्हें झुकाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कभी अपना सिर नहीं झुकाया. इसीलिए उन्हें दुश्मन की तरह देखते थे. वे चाहते थे कि यह आवाज़ दबा दी जाए और ख़त्म कर दी जाए, ताकि वे आज़ादी से ज़ुल्म कर सकें, लूट सकें और लोगों को ग़ुलाम बना सकें."

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