
आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के मारे जाने के बाद अब ईरान का अगला क़दम क्या हो सकता है?
BBC
ईरान में सुप्रीम लीडर का पद बेहद शक्तिशाली होता है. वे देश के प्रमुख और सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर होते हैं, जिनमें ईरान की ख़ास रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर भी शामिल है. विदेशी हमले में ख़ामेनेई के मारे जाने के बाद अब ईरान क्या कर सकता है?
करीब 37 सालों तक ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई 28 फ़रवरी को हुए अमेरिका और इसराइल के हमलों में मारे गए हैं.
अमेरिकी और इसराइली हमलों में ख़ामेनेई के परिवार के कई सदस्य और ईरान के इस्लामी शासन के कई दूसरे वरिष्ठ नेता भी मारे गए हैं.
पिछले तीन दशकों से सत्ता में रहे 86 वर्षीय ख़ामेनेई की मौत की जानकारी पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दी और बाद में ईरान के सरकारी टेलीविज़न ने भी इसकी पुष्टि कर दी. ख़ामेनेई दुनिया के सबसे लंबे समय तक शासन करने वाले नेताओं में से एक थे.
1979 की इस्लामी क्रांति के बाद ईरान में अब तक सिर्फ दो सर्वोच्च नेता यानी सुप्रीम लीडर रहे हैं. अयातुल्लाह रुहोल्लाह खुमैनी और आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई.
ईरान में सुप्रीम लीडर का पद बेहद शक्तिशाली होता है. वे देश के प्रमुख (हेड ऑफ़ स्टेट) और सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर होते हैं, जिनमें ईरान की ख़ास रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर (आईआरजीसी) भी शामिल है.
ख़ामेनेई के निधन के बाद अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि उनका उत्तराधिकारी कौन होगा और ईरान के लिए अब आगे की राह क्या होगी.

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