
'आयकर टीम तुम्हारे यहां छापा मारेगी...' जालसाज ने डराकर ठग लिए 21 लाख, चेन्नई से हुआ अरेस्ट
AajTak
महाराष्ट्र पुलिस ने एक ऐसे ठग को पकड़ा है, जिसने आयकर विभाग की कार्रवाई का डर दिखाकर 21 लाख रुपये से ज्यादा की राशि ठग ली. पुलिस का कहना है कि इस मामले की जांच की जा रही है. इस रैकेट में और भी लोग शामिल हो सकते हैं. पुलिस ने आरोपी को चेन्नई से अरेस्ट किया है.
महाराष्ट्र पुलिस ने नवी मुंबई के एक जालसाज को 21 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी करने के आरोप में चेन्नई से गिरफ्तार किया है. पुलिस ने बताया कि आरोपी ने आयकर विभाग की कार्रवाई की धमकी देकर ठगी को अंजाम दिया था. पुलिस ने बताया कि नवी मुंबई में साइबर पुलिस स्टेशन में यह मामला दर्ज कराया गया था. इसके बाद 9 अक्टूबर को चेन्नई के अन्नानूर से लोकेश कुमार नाम के आरोपी को पकड़ लिया गया.
पुलिस में दर्ज शिकायत में कहा गया कि आरोपी ने 6 से 11 अगस्त 2023 के बीच पीड़ित को कॉल किया और खुद आयकर अधिकारी बताया. उसने कहा कि आईटी विभाग उसके बैंक खाते पर नजर रख रहा है, जो उसने नागपुर में खोला था. इसमें काफी लेनदेन किया गया है. आरोपी ने पीड़ित से यह भी कहा कि साइबर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक गजानन कदम ने बताया है कि उसके नाम से कुछ पार्सल अवैध रूप से कनाडा भेजे जा रहे हैं.
यह भी पढ़ेंः Cyber Fraud करने वालों की आएगी शामत! IIT स्टूडेंट्स के साथ मिलकर बिहार EOU करेगा काम
आरोपी ने धमकी दी कि आयकर विभाग जल्द उसके खिलाफ कार्रवाई करेगा और उसे गिरफ्तार करेगा. गिरफ्तारी को रोकने के लिए आरोपी ने पीड़ित से पैसे की मांग की. डर की वजह से पीड़ित ने आरोपी के द्वारा बताए गए विभिन्न बैंक खातों में 21.22 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए.
धोखाधड़ी का अहसास होने पर पुलिस से की शिकायत
इसके बाद पीड़ित को जब एहसास हुआ कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है को उसने पुलिस से मामले की शिकायत की. शिकायत के आधार पर जांच शुरू की गई. पुलिस ने उन बैंक खातों को फ्रीज कर दिया, जिनमें पीड़ित ने पैसे ट्रांसफर किए थे. इन बैंक खातों में अभी 18,80,317 रुपये हैं. पुलिस ने जांच कर चेन्नई में आरोपी का पता लगाया और उसे 9 अक्टूबर को पकड़ लिया. पुलिस का कहना है कि इस रैकेट में कुछ और लोग शामिल हो सकते हैं. (एजेंसी PTI)

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.

दावोस में भारत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करने और एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए पूरी तैयारी कर रहा है. इस संदर्भ में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से खास बातचीत की गई जिसमें उन्होंने बताया कि AI को लेकर भारत की क्या योजना और दृष्टिकोण है. भारत ने तकनीकी विकास तथा नवाचार में तेजी लाई है ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रह सके. देखिए.

महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद ठाणे जिले के मुंब्रा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. एमआईएम के टिकट पर साढ़े पांच हजार से अधिक वोट के अंतर से जीत हासिल करने वाली सहर शेख एक बयान की वजह से चर्चा में हैं. जैसे ही उनका बयान विवादास्पद हुआ, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान धार्मिक राजनीति से जुड़ा नहीं था. सहर शेख ने यह भी कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है और वे उस तरह की राजनीति का समर्थन नहीं करतीं.








