
'आप हमें कैसे रोक सकते हैं...', भारतीय मूल की महिला ने जेडी वेंस को खूब सुनाया
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भारतीय मूल की महिला ने वेंस से पूछा कि जब आप कहते हैं कि यहां इमिग्रेंट्स बहुत ज्यादा हैं तो आपने कब तय किया कि अब इमिग्रेंट्स बहुत हो गए. महिला ने कहा कि हम कानूनी तौर पर अमेरिका में आए हैं. हम नियमों का पालन किया है लेकिन आप उपराष्ट्रपति बनने के बाद कहते हैं कि अब बहुत हो गया, इन्हें देश छोड़ना होगा.
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को उस समय बेहद असहज स्थिति का सामना करना पड़ा, जब एक कार्यक्रम में भारतीय मूल की महिला ने उन्हें आड़ें हाथों लिया.
वेंस मिसिसिपी यूनिवर्सिटी के एक कार्यक्रम में छात्रों को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान Turning Point USA इवेंट के दौरान भारतीय मूल की एक महिला स्टूडेंट ने वेंस से तीखे सवाल पूछे. महिला ने सबसे पहले ट्रंप प्रशासन की इमिग्रेशन पॉलिसी पर निशाना साधा.
महिला कहती है कि मिस्टर वाइस प्रेसिडेंट, जब आप कहते हैं कि 'यहां बहुत सारे इमिग्रेंट्स हैं', तो आप लोगों ने कब तय किया कि 'कितने पर्याप्त हैं'? हम सब कानूनी तरीके से आए हैं . हमने आपके द्वारा मांगा गया पैसा चुकाया, हर नियम का पालन किया. फिर आप वाइस प्रेसिडेंट बनकर कहते हैं कि 'अब बहुत हो गए, हम इन्हें निकाल देंगे!' आपने हमें अमेरिकन ड्रीम बेचा! आपने हमें सपना क्यों बेचा? अब आप हमें कैसे रोक सकते हैं? और आपकी पत्नी... आपकी पत्नी उषा हिंदू हैं! आप एक अंतर-सांस्कृतिक घर में रहते हैं. तो क्या मुझे अमेरिका से प्यार साबित करने के लिए ईसाई बनना पड़ेगा?
महिला ने आगे कहा कि आप हमें कैसे बता सकते हैं कि अब हम यहां नहीं रह सकते? इसके जवाब में वेंस ने मुस्कुराते हुए कहते हैं जरूर. आपने बहुत कुछ कहा. सबसे पहले, इमिग्रेशन पर, हम आपके जैसे लोगों का सम्मान करते हैं जो कानूनी तरीके से आए हैं और योगदान दे रहे हैं. लेकिन भविष्य में हमें बहुत कम इमिग्रेशन चाहिए. क्यों? क्योंकि वर्तमान संख्या बहुत अधिक है. यह अमेरिका की सामाजिक संरचना को खतरा दे रही है. कोई सटीक संख्या नहीं है, लेकिन अब से बहुत कम. हम पहले अवैध इमिग्रेंट्स को डिपोर्ट कर रहे हैं. 1924-1925 में हमने बॉर्डर्स बंद किए थे, यही वह नीति थी जिसने उस अमेरिका को बनाया जिसे आप प्यार करते हैं.
वेंस ने उषा को लेकर कहा कि उषा हिंदू पृष्ठभूमि से हैं, यह सच है. हमारा विवाह आपसी सम्मान पर आधारित है. हम साथ में चर्च जाते हैं. मुझे उम्मीद है कि एक दिन वह ईसाई बन जाएंगी लेकिन यह उनकी स्वतंत्र इच्छा है. हमारे बच्चे ईसाई परवरिश पा रहे हैं. आपको धर्म परिवर्तन करने की जरूरत नहीं है लेकिन अमेरिका से प्यार करने का मतलब है कि आप समावेश करें, योगदान दें, हमारी संस्कृति का सम्मान करें.

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