
'आप चुनाव आयुक्त नहीं, मुस्लिम आयुक्त थे...', निशिकांत दुबे ने अब एसवाई कुरैशी पर साधा निशाना
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बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि आपके कार्यकाल में झारखंड के संथाल परगना में सबसे अधिक बांग्लादेशी घुसपैठियों को मतदाता बनाया गया. उन्होंने कहा कि इस्लाम भारत में 712 ई. में आया था, उससे पहले यह जमीन (वक्फ) उस धर्म से जुड़े हिंदुओं, आदिवासियों, जैनियों या बौद्धों की थी.
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को लेकर दिए बयान पर हंगामा मचाने के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सांसद निशिकांत दुबे ने रविवार को एसवाई कुरैशी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह चुनाव आयुक्त नहीं बल्कि एक ‘मुस्लिम आयुक्त’ थे. इससे पहले कुरैशी ने वक्फ (संशोधन) कानून की आलोचना करते हुए इसे मुस्लिमों की जमीन हड़पने की सरकार की भयावह योजना बताया था.
कुरैशी ने वक्फ कानून पर उठाए थे सवाल
एसवाई कुरैशी पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त हैं और वह 30 जुलाई 2010 से लेकर 10 जून 2012 तक पद पर रहे. बीजेपी सांसद दुबे ने एक दिन पहले सुप्रीम कोर्ट और देश के चीफ जस्टिस संजीव खन्ना पर तीखा हमला बोला था और भारत में ‘धार्मिक युद्ध’ के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया था. इसके बाद बीजेपी ने उनकी विवादित बयान से खुद को अलग कर लिया और इसे सांसद का निजी बयान बताया था.
कुरैशी ने 17 अप्रैल को X पर एक पोस्ट में आरोप लगाया था कि वक्फ कानून मुस्लिमों की जमीन हड़पने के लिए सरकार की एक भयावह योजना है. उन्होंने कहा कि मुझे यकीन है कि सुप्रीम कोर्ट इस पर सवाल उठाएगा. प्रोपेगेंडा मशीनरी ने गलत सूचना फैलाने का अपना काम बखूबी किया है.
'आपने बांग्लादेशियों को वोटर बनाया'
बीजेपी सांसद ने रविवार को कुरैशी के इसी पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आप चुनाव आयुक्त नहीं थे, आप एक मुस्लिम आयुक्त थे. आपके कार्यकाल में झारखंड के संथाल परगना में सबसे अधिक बांग्लादेशी घुसपैठियों को मतदाता बनाया गया. उन्होंने कहा कि इस्लाम भारत में 712 ई. में आया था, उससे पहले यह जमीन (वक्फ) उस धर्म से जुड़े हिंदुओं या आदिवासियों, जैनियों या बौद्धों की थी.

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