
आतंक का कारोबार, पाकिस्तान में ससुराल...टेरर फंडिंग केस में सजा काट रहे यासीन मलिक की टेरर कुंडली
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NIA ने यासीन मलिक को मौत की सजा देने की मांग की है. NIA की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, यासीन आतंकवादी और अलगाववादी गतिविधियों में शामिल रहा है. उसके केस को रेयरेस्ट ऑफ द रेयर मानते हुए मौत की सजा दी जानी चाहिए.
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने दिल्ली हाईकोर्ट से आतंकी यासीन मलिक को टेरर फंडिंग केस में मौत की सजा सुनाने की मांग की है. कोर्ट ने यासीन मलिक को इस याचिका पर नोटिस जारी किया है. यासीन अभी तिहाड़ में बंद है और आजीवन कारावास की सजा काट रहा है. कोर्ट ने मलिक को 9 अगस्त को पेश होने का वारंट भी जारी किया है.
NIA की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, यासीन आतंकवादी और अलगाववादी गतिविधियों में शामिल रहा है. उसके केस को रेयरेस्ट ऑफ द रेयर मानते हुए मौत की सजा दी जानी चाहिए. मेहता ने कोर्ट में कहा, यासीन मलिक ने भारतीय वायुसेना के चार अधिकारियों की सनसनीखेज हत्या की. उसने तत्कालीन गृह मंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी का अपहरण किया. इस वजह से चार खूंखार अपराधियों को रिहा किया गया, जिन्होंने 2008 में मुंबई में 26/11 के हमले की साजिश रची.
17 साल की उम्र में पहली बार जेल गया यासीन
यासीन मलिक का जन्म 3 अप्रैल 1966 को श्रीनगर के मयसूमा इलाके में हुआ था. यासीन मलिक जब पहली बार जब जेल गया था, तब उसकी उम्र मात्र 17 साल थी. यासीन मलिक पर जम्मू-कश्मीर में आतंक को बढ़ावा देने का आरोप लगता रहा है. वह कश्मीर की आजादी की वकालत करता रहा. बम-बारूद और बंदूक के दम पर डर फैलाता रहा. यासीन मलिक ने 80 के दशक में'ताला पार्टी' का गठन किया. ये संगठन हिंसा करने और माहौल बिगाड़ने की अक्सर कोशिश करता रहता था.
आतंकी मकबूल भट की फांसी का किया विरोध
11 फरवरी 1984 को आतंकी मकबूल भट को फांसी दी गई थी. ताला पार्टी ने इस फांसी का जमकर विरोध किया था. जगह-जगह मकबूल भट के समर्थन में पोस्टर लगाए गए थे. इस मामले में यासीन मलिक को गिरफ्तार कर लिया गया था. वो 4 महीने तक सलाखों के पीछे रहा. जेल से रिहा होने के बाद 1986 में ताला पार्टी का नाम बदलकर इस्लामिक स्टूडेंट लीग (ISL) रख दिया गया. यासीन मलिक इसका महासचिव बना. कश्मीर की आजादी की लड़ाई में आईएसएल उभरकर सामने आया. अशफाक मजीद वानी, जावेद मीर और अब्दुल हामीद शेख जैसे आतंकी इसके सदस्य थे.

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