
आज का दिन: श्रीलंका क्राइसिस पर विपक्ष की सामूहिक बैठक किस नतीजे पर पहुंची?
AajTak
श्रीलंका क्राइसिस पर विपक्ष की सामूहिक बैठक किस नतीजे पर पहुंची? पेड़ काटने पर जेल नहीं सिर्फ 500 के जुर्माने वाले सरकारी प्रस्ताव पर क्या कहते हैं पर्यावरणविद? स्मार्टफोन नथिंग फोन वन असल में है कितना स्मार्ट? और क्रिकेट में इंग्लैंड के खिलाफ भारत की जीत का क्विक एक्सपर्ट एनालिसिस, सुनिए आजतक रेडियो का मॉर्निंग न्यूज पॉडकास्ट 'आज का दिन'
आजतक रेडियो पर हम रोज लाते हैं देश का पहला मॉर्निंग न्यूज पॉडकास्ट ‘आज का दिन’ जहां आप हर सुबह अपने काम की शुरुआत करते हुए सुन सकते हैं आपके काम की खबरें और उन पर क्विक एनालिसिस. साथ ही, सुबह के अखबारों की सुर्ख़ियाँ और आज की तारीख में जो घटा, उसका हिसाब किताब. आगे लिंक भी देंगे, लेकिन पहले जान लीजिए कि आज के एपिसोड में हमारे पॉडकास्टर जमशेद क़मर सिद्दीक़ी किन ख़बरों पर बात कर रहे हैं?
श्रीलंका क्राइसिस
जनता के भारी आक्रोश का सामना कर रहे श्रीलंका के लापता राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे ने कहा था कि वो 13 जुलाई को रिजाइन कर देंगे. राष्ट्रपति और पीएम आवास के अंदर डेरा डाले हज़ारों प्रदर्शनकारी इस घड़ी का इंतज़ार कर रहे हैं. तो गोटाबाया के इस्तीफे के बाद नए राष्ट्रपति के चुनाव और सरकार के गठन को लेकर क्या तैयारी चल रही है.
जेल नहीं बेल
एक मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि सरकार 'बेल एक्ट' की तर्ज़ पर कोई स्पेशल कानून बनाने पर विचार करे क्योंकि जमानत नियम है और जेल एक अपवाद. इसी के साथ पर्यावरण मंत्रालय भी एक प्रस्ताव लेकर आई है जिसमें इंडियन फॉरेस्ट एक्ट 1927 में संशोधन के ज़रिए जंगलों में अवैध अतिक्रमण और पेड़ काटने के मामले में 6 महीने की जेल की सजा को ख़त्म कर केवल 500 रुपये जुर्माना लगाने की बात है. सवाल ये है कि नियमों में ये बदलाव अगर होते हैं तो इसका पर्यावरण पर क्या असर होगा.
कितना स्मार्ट है नथिंग फोन वन

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.










