
आखिर 9 मई को ऐसा क्या हुआ था कि इमरान खान के 5000 समर्थकों पर आर्मी और टेररिज्म एक्ट लगाने जा रही है पाकिस्तानी सेना?
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पकिस्तान में इमरान खान की गिरफ्तार के विरोध में हुई हिंसा से वह खुद ही फंस गए हैं. उनके समर्थकों ने जिस कदर हिंसा फैलाई, उसके बाद अब इमरान खान समेत उनके 5000 समर्थकों पर आर्मी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी. पंजाब सरकार की तरफ से इस एक्ट में कार्रवाई करने की मंजूरी भी दे दी गई है. इसे पाकिस्तान का सबसे क्रूर एक्ट माना जाता है.
पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान को 9 मई को इस्लामाबाद हाई कोर्ट के बाहर से अरेस्ट किया गया था. इसके बाद पाकिस्तान के जो हुआ, वह उसके इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ था. ऐसा देश जहां सैन्य तख्तापलट की कई घटनाएं हो चुकी हैं, उस जमीन पर इमरान खान की गिरफ्तारी से बौखलाए उनके समर्थकों ने उत्पात मचा दिया. उन्होंने पीएम आवास के साथ-साथ आर्मी हेडक्वाटर, सेना के कई अफसरों के घर पर हमला बोल दिया. वहां जमकर तोड़फोड़ की, वाहनों को आग के हवाले कर दिया. आर्मी ने ऐसी घटना को सैन्य अपराध मान लिया है. आइए पहले यह जानते हैं कि 9 मई को ऐसा क्या हुआ, जिससे आर्मी को यह कदम उठाना पड़ा.
इमरान खान के खिलाफ अल कादिर ट्रस्ट से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में इस्लामाबाद हाई कोर्ट 9 मई को सुनवाई थी. इमरान सुनवाई के लिए कोर्ट पहुंचे थे. उनके समर्थन में कोर्ट के बाहर हजारों की संख्या में उनके समर्थक भी जुटे हुए थे. इस दौरान उन्हें नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (एनएबी) और पाक रेंजर्स ने कोर्ट में जाने से पहले ही अरेस्ट कर लिया था.
इसके बाद उनके समर्थकों ने गिरफ्तारी को गैरकानूनी बताते हुए विरोध शुरू कर दिया. देखते ही देखते इस विरोध ने हिंसक रूप ले लिया. पीटीआई कार्यकर्ताओं ने इस्लामाबाद, रावलपिंडी, लाहौर, कराची, गुजरांवाला, पेशावर और मर्दन समेत देश भर के शहरों में विरोध प्रदर्शन किया. कई शहरों में तोड़फोड़ शुरू कर दी, छोटे-बड़े वाहनों को आग लगानी शुरू कर दी. बेलगाम हो चुके समर्थकों ने इसके बाद जो किया वह पाकिस्तान के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ था.
- इमरान के समर्थकों ने लाहौर में पीएम आवास पर हमला बोला. वहां पेट्रोल बम दागे, दर्जनों वाहनों में आग लगा दी.
- लाहौर कैंट में कॉर्प्स कमांडर्स हाउस के घर में घुस गए. वहां आग लगा दी. इसका असल नाम 'जिन्ना हाउस' है. इस कभी मोहम्मद अली जिन्ना ने खरीदा था.

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