
अस्पतालों में वेटिंग, घर में ही लोगों को इलाज कराने की सलाह, श्मशानों में लंबी लाइन... चीन में Corona से हाहाकार
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Corona Virus in china: चीन में कोरोना से हालात बिगड़ते जा रहे हैं. हालत ये है कि अस्पतालों में इलाज के लिए जगह नहीं बची है. लोगों को जमीन पर लेटाकर इलाज करना पड़ रहा है. यहां तक कि बड़ी संख्या में हो रही मौतों के चलते श्मशानों में लंबी लंबी लाइने हैं. दावा किया जा रहा है कि आने वाले समय में चीन में हालत और खराब हो सकते हैं.
चीन में कोरोना से हाल बेहाल है. कोरोना के लगातार बढ़ते हुए केसों के चलते चिकित्सा संसाधनों की कमी सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरी है. चीन में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं. हालत ये है कि चीन में न सिर्फ हॉस्पिटल में बेड, वेंटिलेटर्स और दवाइयों की कमी है, बल्कि डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की भी काफी कमी है. चीनी मीडिया रिपोर्ट्स में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है.
चीन में आम लोगों की तुलना में अस्पतालों में संक्रमण फैलने की दर काफी तेजी से बढ़ रही है. यही वजह है कि चीन में ज्यादातर मेडिकल स्टाफ संक्रमित हो चुका है, ऐसे में इनके जल्द से जल्द अस्पताल में लौटने की उम्मीद भी नजर नहीं आ रही है. Guabcha.com समेत तमाम चीनी मीडिया में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के अधिकांश अस्पतालों में कम डॉक्टर्स और अधिक मरीज जैसी समस्या से जूझ रहे हैं.
घर पर रहकर इलाज करने की दी जा रही सलाह
यह वजह है कि चीन में हेल्थ एक्सपर्ट लोगों को तमाम माध्यमों के जरिए अपील कर रहे हैं कि अस्पताल में भीड़ न बढ़ाएं, बल्कि संक्रमित होने पर खुद को घर पर आइसोलेट करें और घर पर ही फ्लू की दवाएं या पारंपरिक दवाओं से ही इलाज करें. हालांकि, आम लोगों की कठिनाई यहीं खत्म नहीं हो रही है. दरअसल, चीन में नियमित दवाओं की भी कमी होने लगी है. बढ़ती मांग की तुलना में दवाइयों की आपूर्ति काफी कम है.
चीनी फार्मेसी में दवाओं की भारी मांग की वजह कुछ सालों पहले बना एक नियम है. इसके मुताबिक, कुछ खास प्रकार की दवाओं जैसे एंटीपीयरेटिक, एंटीवायरल, एंटीबायोटिक्स, खांसी और सर्दी की दवाओं को खरीदने के लिए वास्तविक नाम से रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता है.
चीन ने हटाई जीरो कोविड पॉलिसी

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