
अल-फलाह के चेयरमैन जवाद की काली करतूतें बेनकाब! दशकों पहले मर चुके लोगों की जमीन का किया सौदा
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जांच में यह बात सामने आई है कि दक्षिण दिल्ली में जमीन GPA का उपयोग करके
राष्ट्रीय राजधानी में जमीन घोटाले का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. अल-फलाह ग्रुप के फाउंडर जवाद अहमद सिद्दीकी पर करोड़ों की जमीन को फर्जी कागज़ात के ज़रिए हथियाने का नया आरोप लगा है. जवाद पहले ही दिल्ली ब्लास्ट और मनी लॉन्ड्रिंग मामले के मामले में ED की हिरासत में हैं.
अल-फलाह केस की जांच में यह बात सामने निकलकर आई है कि दिल्ली के मदनपुर खादर में खसरा नंबर 792 में कीमती ज़मीन को जवाद अहमद सिद्दीकी से जुड़े तरबिया एजुकेशन फाउंडेशन ने एक नकली जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (GPA) के ज़रिए धोखे से हासिल की थी. जवाद को ED ने मनी लॉन्ड्रिंग के चार्ज में अरेस्ट किया है और वह दिल्ली ब्लास्ट केस में भी जांच के घेरे में है.
अधिकारियों के मुताबिक, यह जमीन साउथ दिल्ली में एक खास जगह पर फैली हुई है. जिन लोगों के नाम पर इस GPA में हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान लगाए गए हैं वह सालों नहीं बल्कि दशकों पहले मर चुके थे.
क्या मरे हुए लोग 2004 में साइन कर रहे थे?
यह नकली जीपीए 7 जनवरी 2004 का है और इसमें कई को-ओनर्स के अधिकार विनोद कुमार/ पुत्र- भूले राम के पक्ष में ट्रांसफर करने का दावा किया गया है. हैरानी की बात यह है कि इस GPA पर दिखने वाले सिग्नेचर और अंगूठे के निशान ऐसे लोगों के हैं जिनकी मौत बताई गई तारीख से बहुत पहले हो गई थी.
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