
अमेरिकी सेना तैयार, बटन पर ट्रंप का हाथ... ईरान के लिए आज की रात भारी!
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ईरान में महंगाई और कट्टरपंथ के खिलाफ जारी 'Gen-Z' आंदोलन ने अमेरिका और ईरान को युद्ध के मुहाने पर खड़ा कर दिया है. 500 से अधिक मौतों के बाद ट्रंप ने ईरान को सैन्य कार्रवाई की धमकी दी है, जबकि ईरान इसे विदेशी साजिश बता रहा है। दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है.
इस वक्त पूरी दुनिया की नजर ईरान पर टिकी हुई है. अमेरिका और ईरान युद्ध के मुहाने पर खड़े हैं. सिर्फ एक चिंगारी और एक ऐसा युद्ध शुरू हो सकता है, जिसका असर निश्चित रूप से पूरी दुनिया पर पड़ेगा. अभी तक ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों को महंगाई के खिलाफ लोगों के गुस्से के तौर पर देखा जा रहा था. लेकिन अमेरिका की एंट्री ने इस प्रदर्शन को ईरान वर्सेज अमेरिका बना दिया है.
हालात ये हैं कि किसी भी वक्त अमेरिका, ईरान पर बमबारी शुरू कर सकता है ऐसे में ईरान के लिए हर रात भारी पड़ रही है. अमेरिका का ये रुख, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ ईरान सरकार की सख्ती को लेकर है. इतिहास गवाह है कि जब भी ईरान की इस्लामिक व्यवस्था या उससे जुड़े कट्टरपंथी नियमों के खिलाफ आवाज़ें उठी हैं, तो इन आवाज़ों को ईरान ने बंदूकों के दम पर दबाया है.
साल 2022 में जब हिजाब के मामले में महसा अमीनी की मौत ने लोगों का गुस्सा भड़काया था, तब के प्रदर्शनों में करीब 500 लोग मारे गए थे. और अबकी बार महंगाई और बेरोज़गारी जैसे मुद्दों पर हो रहे Gen-Z आंदोलन में अभी तक 544 लोग मारे जा चुके हैं. Human Rights Activists News Agency का दावा है कि इस आंदोलन में अब तक 496 प्रदर्शनकारी और 48 सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं. यही नहीं, 10 हजार से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को ईरान ने हिरासत में रखा है. ईरान ने अपने यहां होने वाले विरोध प्रदर्शनों को अमेरिका और इज़रायल की साज़िश बताया है. और अब तो वह अपने ही देश के प्रदर्शनकारी नागरिकों को आतंकवादी कहने लगा है.
प्रदर्शनकारियों को कहा- आतंकी
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने विरोध प्रदर्शन करने वालों को आतंकवादी माना है. उनका कहना है कि प्रदर्शन कर रहे आतंकी सरकारी और प्राइवेट संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं और ये लोग ईरान के सुरक्षाबलों और आम लोगों को भी टारगेट कर रहे हैं. उनका दावा है कि ईरान सरकार के पास ऐसे कई वीडियो हैं, जिनमें दिख रहा है कि प्रदर्शनकारियों को हथियार बांटे गए और हथियारों के जरिए ईरान को गृहयुद्ध में झोंकने की साज़िश की गई. उन्होंने सोशल मीडिया पर इससे जुड़े वीडियो भी शेयर किए हैं, जिनमें प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़प हो रही है.
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