
अमेरिकी दूत ने कहा, जलवायु परिवर्तन की लड़ाई में भारत की भूमिका अहम
AajTak
भारत दौरे पर आए अमेरिका के विशेष प्रतिनिधि जॉन कैरी ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन की लड़ाई में भारत की भूमिका बेहद अहम है. जॉन कैरी ने इंडिया टुडे को दिए इंटरव्यू में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर काफी उत्साहित हैं. वह केवल बातें नहीं करते हैं बल्कि काम करते हैं,
अमेरिकी राष्ट्रपति के विशेष दूत जॉन कैरी ने गुरुवार को कहा है कि जलवायु परिवर्तन के मुद्दे में भारत की भूमिका काफी अहम है. उन्होंने 'इंडिया टुडे' को दिए इंटरव्यू में कहा कि भारत जलवायु परिवर्तन पर गठित टास्क फोर्स का अहम सदस्य है. उन्होंने कहा कि भारत के पास इस चुनौती से निपटने के लिए पर्याप्त बौद्धिक संसाधन हैं और और वह इस पर काबू पाने में बड़ा योगदान दे सकता है. Busy day today meeting with Indian partners in support of India’s decarbonization through investment in a clean transition. pic.twitter.com/KHpb7SiyuY US envoy @JohnKerry speaks exclusively to India Today's @rajchengappa, says Biden admin will pay all pending dues and give additional funds to the cause of climate change under the Paris agreement.#ClimateChange #JohnKerry pic.twitter.com/FPtI3UgUKS India’s role on climate change crucial: US envoy @JohnKerry#ClimateChange #JohnKerry (@rajchengappa) pic.twitter.com/ub9PygyVyR जॉन कैरी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन को लेकर हम सबके सामने सबसे बड़ी चुनौती ठोस कदम उठाने की है.
यूक्रेन पर रूस ने एक ही रात में 200 से अधिक स्ट्राइक ड्रोन दागकर भीषण हमला किया है. इस हमले में सुमी, खार्किव, नीप्रो और ओडेसा सहित कई इलाके निशाने पर रहे, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और दर्जनों घायल हुए हैं. राष्ट्रपति जेलेंस्की ने इन हमलों के बीच देश की आंतरिक मजबूती और मरम्मत दलों के काम की सराहना की है.

गाजा पुनर्विकास के लिए ट्रंप की शांति योजना के तहत 'बोर्ड ऑफ पीस' के सदस्यों का ऐलान कर दिया गया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद उसके अध्यक्ष होंगे. इधर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो भी उन नेताओं में शामिल हैं, जिन्हें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गाजा संघर्ष समाप्त करने की व्यापक योजना के तहत गाजा के पुनर्विकास के लिए 'बोर्ड ऑफ पीस' में नामित किया गया है. देखें अमेरिकी से जुड़ी बड़ी खबरें.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ ग्रीनलैंड की राजधानी नूक में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरे. प्रधानमंत्री की अगुवाई में US कॉन्सुलेट तक मार्च निकाला गया. जबकि डेनमार्क और यूरोप ने NATO मौजूदगी बढ़ाने का संकेत दिया है. ट्रंप ने ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने से जुड़े बयान दिए हैं, जिसके बाद लोगों की नाराजगी खुलकर सामने आने लगी है.

अमेरिका और ईरान में इस समय टकराव देखने को मिल रहा है. अमेरिका ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के संकेत दे रहा है. अमेरिका का विमानवाहक युद्धपोत अब्राहम लिंकन समुद्र के रास्ते ईरान के करीब पहुंच चुका है जिससे ईरान-अमेरिका के बीच युद्ध की आशंकाएं बढ़ गई हैं. हालांकि, अरब देश अमेरिका को ईरान पर हमला करने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं. लगातार धमकियों के बावजूद ईरान पर सीधे हमले से क्यों बच रहा अमेरिका? देखें श्वेतपत्र.

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के संकेत दिए हैं. अमेरिका का विमानवाहक युद्धपोत अब्राहम लिंकन समुद्र के रास्ते ईरान के करीब पहुंच चुका है जिससे ईरान-अमेरिका के बीच युद्ध की आशंकाएं बढ़ गई हैं. वहीं अरब देश अमेरिका को ईरान पर हमला करने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं. दूसरी ओर, ईरान ने इजरायल के आठ प्रमुख शहरों पर हमले की योजना तैयार की है. इस बढ़ती तनाव की स्थिति से मध्य पूर्व में सुरक्षा खतरे और बढ़ सकते हैं.

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला करते हुए ट्रंप को ईरान में हुई मौतों, नुकसान और बदनामी के लिए जिम्मेदार ठहराया और उन्हें 'अपराधी' बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान में हालिया अशांति अमेरिका की साजिश है और ट्रंप ने खुद इसमें दखल देकर प्रदर्शनकारियों को उकसाया.

व्हाइट हाउस ने गाजा को फिर से बसाने और उस पर शासन के लिए बने 'बोर्ड ऑफ पीस' के सदस्यों की लिस्ट जारी की है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप बोर्ड के अध्यक्ष होंगे. जबकि विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर सदस्य होंगे. देखें दुनिया आजतक.






