अमेरिका से अहम समझौते, मिस्र में सर्वोच्च सम्मान... इन मायनों में खास रही PM मोदी की 5 दिवसीय यात्रा
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पीएम मोदी ने 20 जून को अपनी पांच दिवसीय यात्रा शुरू की थी. उन्होंने 21-24 जून तक अमेरिका का दौरा किया. उनकी अमेरिका यात्रा न्यूयॉर्क से शुरू हुई, जहां उन्होंने 21 जून को 9वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में एक ऐतिहासिक कार्यक्रम का नेतृत्व किया. यह पहली बार था जब पीएम मोदी अमेरिका के राजकीय दौरे पर गए थे. इसके बाद शनिवार को पीएम मिस्र के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे थे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका और मिस्र की 5 दिवसीय राजकीय यात्रा करने के बाद रविवार को स्वदेश वापस लौट रहे हैं. राष्ट्रपति जो बाइडेन के निमंत्रण पर अमेरिका की हाई-प्रोफाइल राजकीय यात्रा के समापन के बाद पीएम मोदी शनिवार को दो दिवसीय यात्रा पर मिस्र पहुंचे थे. यहां प्रधानमंत्री मुस्तफा मैडबौली ने एयरपोर्ट पर उनका जोरदार स्वागत किया था. 1997 के बाद यह पहला मौका था जब किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने मिस्र की द्विपक्षीय यात्रा की है.
दरअसल, पीएम मोदी ने 20 जून को अपनी पांच दिवसीय यात्रा शुरू की थी. उन्होंने 21-24 जून तक अमेरिका का दौरा किया. उनकी अमेरिका यात्रा न्यूयॉर्क से शुरू हुई, जहां उन्होंने 21 जून को 9वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में एक ऐतिहासिक कार्यक्रम का नेतृत्व किया. यह पहली बार था जब पीएम मोदी अमेरिका के राजकीय दौरे पर गए हैं.
मोदी से पहले 2009 में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह अमेरिका के राजकीय दौरे पर गए थे. अब तक अमेरिका तीन बार भारतीय नेताओं को स्टेट विजिट के लिए आमंत्रित कर चुका है. पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णनन पहले भारतीय नेता थे, जो जिन्हें 1963 में 3 से 5 जून तक राजकीय दौरे पर थे.
मिस्र की यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सिसी के साथ बातचीत की. उन्हें अरब देश के सर्वोच्च सम्मान 'ऑर्डर ऑफ द नाइल' से भी सम्मानित किया गया. इसी के साथ मिस्र पीएम मोदी को राजकीय सम्मान देने वाले 13वां देश बन गया है.
मिस्र के राष्ट्रपति के साथ इन मुद्दों पर हुई बातचीत
पीएम मोदी ने रविवार को राष्ट्रपति अल-सिसी के साथ बातचीत की. इस दौरान व्यापार और निवेश, ऊर्जा संबंधों और लोगों के बीच संबंधों में सुधार पर ध्यान देने के साथ दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की गई. दोनों देशों ने अपने रिश्ते को 'रणनीतिक साझेदारी' तक बढ़ाया.

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