
अमित शाह के अधूरे वीडियो क्लिप से आंबेडकर को लेकर कैसे हुई राजनीति गर्म
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संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान गृह मंत्री अमित शाह की बीआर आंबेडकर को लेकर की गई टिप्पणियों पर विवाद खड़ा हो गया है. मामला धक्का-मुक्की तक पहुंच गया है. बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस अमित शाह के वीडियो का आधा क्लिप शेयर कर रही है. जानें क्या है पूरा मामला.
राजनीति में ऐसा कम ही होता है कि एक ही महापुरुष के अपमान का आरोप लगाते हुए सरकार और विपक्ष दोनों के नेता, न सिर्फ आमने सामने आ जाएं- बल्कि बात धक्का-मुक्की तक जा पहुंचे और दो सांसदों को अस्पताल ले जाना पड़े. संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान 19 दिसंबर को ऐसा ही हुआ. भीमराव आंबेडकर के तथाकथित अपमान को लेकर सरकार और विपक्ष के नेताओं में इस कदर ठन गयी कि बीजेपी के दो नेता घायल हो गए और उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा.
खास बात ये है कि इस आग में घी डालने के लिए दो नेताओं के अधूरे वीडियो का जम कर इस्तेमाल हुआ. ये दो नेता हैं गृह मंत्री अमित शाह और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी.
कैसे शुरू हुआ आंबेडकर पर विवाद
विवाद की शुरूआत दो दिन पहले यानी 17 दिसंबर को अमित शाह के एक भाषण के बाद हुई. राज्यसभा में संविधान पर चर्चा के दौरान बोलते हुए गृह मंत्री अमित शाह जवाहरलाल नेहरू की कैबिनेट से आंबेडकर के इस्तीफे के बारे में बात कर रहे थे. उनका भाषण इस बात पर केंद्रित था कि कांग्रेस के लोग आंबेडकर का नाम भुनाने में लगे हैं लेकिन अपने जीवनकाल में कांग्रेस के नेताओं ने उनको वो आदर-सम्मान नहीं दिया जिसके वो हकदार थे.
अमित शाह ने असल में क्या कहा था?
करीब डेढ़ घंटे के भाषण में 1 घंटा 7 मिनट के आसपास अमित शाह ने कहा, “अभी एक फ़ैशन हो गया है.. आंबेडकर, आंबेडकर, आंबेडकर, आंबेडकर, आंबेडकर, आंबेडकर. इतना नाम अगर भगवान का लेते तो सात जन्मों तक स्वर्ग मिल जाता.” उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर हमला जारी रखते हुए कहा, “हमें तो आनंद है कि आंबेडकर का नाम लेते हैं. आंबेडकर का नाम अभी सौ बार ज्यादा लो. परंतु आंबेडकर जी के प्रति आपका भाव क्या है ये मैं बताता हूं. आंबेडकर जी को देश कि पहली कैबिनेट से इस्तीफा क्यों दे दिया”.

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