
अफसर बनी दुल्हन, पुलिस ने चलाया 'ऑपरेशन दूल्हे राजा', ऐसे पकड़ा गया 49 महिलाओं को शादी का झांसा देने वाला
AajTak
पुलिस ने इस ठग को पकड़ने के लिए एक जाल बिछाया. इसके लिए एक महिला पुलिस अधिकारी की मदद ली गई. इस ऑपरेशन को 'दूल्हे राजा' नाम दिया गया. महिला पुलिस अधिकारी ने मैट्रिमोनियल साइट पर अपनी प्रोफाइल बनाई. फिर सत्यजीत को अपने वादों में फंसाया.
ओडिशा में एक हैरान करने वाला मामले सामने आया है.कमिश्नरेट पुलिस ने शनिवार को एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है, जिसने खुद को इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) का अधिकारी बताकर करीब 49 महिलाओं से शादी का वादा किया था. उनसे अफेयर चला रहा था. उसकी पहले से ही 5 शादी हो चुकी है. आरोपी की पहचान 36 वर्षीय सत्यजीत मनगोविंद सामल के रूप में हुई है. मैट्रिमोनियल साइट के जरिए वह महिलाओं को निशाना बनाता था.
ऐसे सामने आया मामला पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उन्हें कुछ समय से ठगी की शिकायत मिल रही थी. जब इसकी जांच की गई तो इसमें कई एंगल सामने आए. दो महिलाएं मिलीं जिन्होंने दावा किया कि एक शख्स ने उनसे शादी के बाद ठगी की है और लाखों का चूना लगाया है. इसके बाद पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को समझते हुए बड़े पैमाने पर जांच शुरू की.
चलाया गया ऑपरेशन दूल्हे राजा पुलिस ने इस ठग को पकड़ने के लिए एक जाल बिछाया. इसके लिए एक महिला पुलिस अधिकारी की मदद ली गई. इस ऑपरेशन को 'दूल्हे राजा' नाम दिया गया. महिला पुलिस अधिकारी ने मैट्रिमोनियल साइट पर अपनी प्रोफाइल बनाई. फिर सत्यजीत को अपने वादों में फंसाया. दोनों में शादी को लेकर बातचीत हुई. इसके बाद महिला ने उसे मिलने के लिए बुलाया. जैसे ही सत्यजीत वहां आया आसपास मौजूद पुलिस की टीम ने उसे धर दबोचा.
तलाकशुदा और विधवा महिलाओं को करता था टारगेट पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो सत्यजीत ने बताया कि वह जाजपुर का रहने वाला है, लेकिन बाद में भुवनेश्वर शिफ्ट हो गया. वह मैट्रिमोनियल वेबसाइट्स के जरिए तलाकशुदा और विधवा महिलाओं को ढूंढता था. उन्हें खुद को बड़ा अधिकारी बताकर अपनी बातों में फंसाता था. फिर शादी का वादा करता था. उसने महिलाओं से शारीरिक संबंध बनाने की भी बात स्वीकार की. उसने बताया कि वह पहले महिलाओं को महंगे गिफ्ट्स देता था ताकि वह उनका भरोसा जीत सके फिर किसी न किसी बहाने से उनसे पैसे ऐंठता था.
यह भी पढ़ें: छत्तीसगढ़ से बहकर ओडिशा पहुंची महिला, पैरों में बंधी थी जंजीरें, ऐसे बची जान
हर ठगी के बाद जाता था दुबई पुलिस की पूछताछ में सत्यजीत ने बताया कि वह एक बार में ठगी करने के बाद दुबई भाग जाता था. दुबई में रुककर वहीं से दूसरा टारगेट ढूंढता था. एक बार टारगेट के फंस जाने के बाद ही वह भारत आता था. पुलिस अधिकारियों ने कहा कि पश्चिम बंगाल, दिल्ली, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, हरियाणा,पंजाब, राजस्थान समेत कई राज्यों की महिलाएं इसके टारगेट पर थी.

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









