
अफगानिस्तान पर छाई नई मुसीबत, देखें तालिबान के लिए कैसे नई चुनौती बना ISIS-K
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15 अगस्त को तालिबान ने अफ़ग़ानिस्तान पर क़ब्ज़ा कर लिया. 7 सितंबर को तालिबान ने अफग़ानिस्तान में अपनी सरकार बना ली लेकिन अब इस सरकार को बने अभी महीने भर भी नहीं गुज़रे हैं कि अफग़ानिस्तान में एक और आतंकी संगठन आईएसआईए खुरासान अपनी नई समानांतर सरकार बनाने में जुट गया है और ये संगठन ना सिर्फ सरकार बनाने में जुटा है, बल्कि तालिबान को अपना दुश्मन मानने वाले आईएसआईएस-के ने तालिबान पर ताबड़तोड़ हमलों की शुरुआत कर दी है. ऐसे में एक देश के तौर पर जो अफग़ानिस्तान पहले ही तालिबान की आमद से कराह रहा है, वो आईएसआईएस खुरासान जैसे एक और बर्बर और भयानक आतंकी संगठन की इस सक्रियता से सदमे में है. आज़ाद ख़्याल अफ़ग़ानियों की हालत तो जीते-जी मरने जैसी हो गई है. देखें वारदात

डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड पर कब्जा चाहते हैं. उनका मानना है कि डेनमार्क के अधीन आने वाला यह अर्द्ध स्वायत्त देश अमेरिका की सुरक्षा के लिए जरूरी है. इसे पाने के लिए वे सैन्य जोर भी लगा सकते हैं. इधर ग्रीनलैंड के पास सेना के नाम पर डेनिश मिलिट्री है. साथ ही बर्फीले इलाके हैं, जहां आम सैनिक नहीं पहुंच सकते.

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