
अनंतनाग में हिजबुल के दो आतंकवादी मारे गए, पिछले साल एक सुरक्षाकर्मी और दो नागरिकों की कर दी थी हत्या
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जम्मू और कश्मीर में आतंकी नागरिकों को अपना निशाना बना रहे हैं. सीमा पार करना अब उनके लिए मुश्किल हो गया है इसलिए वे घाटी के युवाओं को ही भड़काकर उन्हें देश विरोधी गतिविधियों में शामिल कर रहे हैं. वहीं सुरक्षाबल भी आतंकियों को उनके मंसूबों में सफल नहीं होने दे रहे. वे लगातार अभियान चलाकर उनकी हर कोशिश को नाकाम कर रहे हैं.
Anantnag Encounter: जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है. आतंकवादियों के साथ जारी एनकाउंटर में सुरक्षाबलों ने मंगलवार को दो आतंकियों को ढेर कर दिया. इसके साथ ही सर्च ऑपरेशन जारी है.
एडीजीपी कश्मीर ने बताया कि मारे गए आतंकवादियों की पहचान दानिश भट उर्फ कोकब दुरी और बशारत नबी के रूप में हुई है. दोनों प्रतिबंधित आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन से जुड़े हैं. दोनों 9 अप्रैल 2021 को एक सुरक्षाकर्मी की हत्या और 29 मई 2021 को जबलीपोरा में दो नागरिकों की हत्या में शामिल थे.
पहली बार आतंकियों के पास से मिले Sticky bombs
बारामूला के सोपोर में सुरक्षाबलों ने 3 सितंबर को एक 'हाइब्रिड'आतंकी साकिब शकील डार के पास से 'स्टिकी बम' (Sticky Bombs) बरामद किए थे. वहीं पुलिस ने दावा किया था कि सोपोर में पहली बार उन्हें स्टिकी बम बरामद हुए हैं.
सोपोर के पुलिस अधीक्षक शब्बीर नवाब के मुताबिक स्टिकी बम एक तरह का एक चुंबकीय बम है. बम पर एक चिपचिपा पदार्थ लगा हुआ होता है जो कि गाड़ियों पर आसानी से चिपक जाता है. ऐसे बमों को रिमोट के जरिए दूर से भी कंट्रोल किया जा सकता है. ये आकार में बेहद छोटे होते हैं. यह बम काफी घातक होता है.

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