
अतीक ने दिल्ली में खरीदी थी 100 करोड़ से ज्यादा की विवादित संपत्ति, यूपी एसटीएफ के हाथ लगी डिटेल
AajTak
माफिया अतीक अहमद ने राजधानी दिल्ली के कुछ खास इलाकों में सौ करोड़ से ज्यादा की विवादित संपत्ति खरीदी थी. बताया जा रहा है कि यह संपत्तियां खरीदने में कांग्रेस नेता अफरोज ने अतीक की मदद की थी. उत्तर प्रदेश एसटीएफ को इन संपत्तियों के बारे में जानकारी मिली है.
माफिया अतीक अहमद की संपत्तियों को लेकर यूपी एसटीएफ के हाथ कई जानकारियां लगी हैं. बताया जा रहा है कि अतीक अहमद ने कई विवादित संपत्तियों को खरीदा था. ये संपत्तियां दिल्ली के अलग-अलग इलाके में मौजूद हैं. कांग्रेस नेता अफरोज की मदद से अतीक ने 100 करोड़ से ज्यादा की विवादित संपत्ति खरीदी थी.
बताया जा रहा है कि यह संपत्ति दिल्ली के आधा दर्जन से ज्यादा इलाकों में है. शाहीन बाग के अलावा ओखला, साउथ दिल्ली व बाटला हाउस में यह संपत्ति मिली है. कांग्रेस नेता अफरोज की मौत के बाद उनके दोनों बेटों की दोस्ती अतीक के बेटे उमर, अली और असद के साथ हो गई थी.
जांच में यह भी पता चला है कि अतीक के बेटे असद ने उन असलहा तस्करों के पास शरण ली थी, जिनको बाद में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार कर लिया था. अब अतीक की अकूत संपत्ति की जांच की जा रही है. उमर और अली के दोस्त की भूमिका की भी जांच की जा रही है.
अतीक के साले के घर से पुलिस को मिली थी डायरी
बता दें कि प्रयागराज पुलिस की कस्टडी में मारे गए माफिया डॉन अतीक अहमद के ससुर के घर से पुलिस को एक डायरी मिली थी, जिसमें अतीक के सारे कच्चे चिट्ठे दर्ज हैं. उसमें कई करीबियों के नाम मिले तो कई मददगारों के पते-नंबर भी मिले हैं. डायरी में अतीक के यूपी के अलावा 5 राज्यों में फैले काले कारोबार का जिक्र था.
मुंबई, मध्य प्रदेश, राजस्थान व गुजरात में फैला रखा था कारोबार

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.










