
अकेली पड़तीं मायावती
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बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती द्वारा दो वरिष्ठ विधायकों लालजी वर्मा और राम अचल राजभर को पार्टी से बाहर करना यह संकेत दे रहा कि पार्टी के भीतर अंदरूनी खींचतान बढ़ती जा रही है.
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने 3 जून की दोपहर तीन बजे जिस समय दो वरिष्ठ विधायकों राम अचल राजभर और लालजी वर्मा को पार्टी से निकालने का आदेश जारी किया उस वक्त ये दोनों विधायक आंबेडकरनगर जिले में अलग-अलग बैठकें करके जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव के लिए रणनीति तय कर रहे थे. मायावती ने अपने इन दोनों विधायकों पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने का आरोप लगाया. आंबेडकरनगर के दो वरिष्ठ नेताओं को पार्टी से बाहर निकालने के निर्णय से यह संदेश गया है कि बसपा के भीतर सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है. आंबेडकरनगर जिला मायावती की राजनीति का केंद्रबिंदु रहा है. मायावती आंबेडकर नगर से लोकसभा चुनाव लड़ती रही हैं. सबसे पहले मायावती वर्ष 1989 में बिजनौर लोकसभा सीट जीत कर संसद में पहुंची थीं. उसके बाद वर्ष 1998, 1999 और वर्ष 2004 में मायावती अकबरपुर (वर्तमान में आंबेडकर नगर) सीट से चुनाव जीतकर सांसद बनीं थीं. मायावती जब यहां से चुनाव नहीं लड़ी उसके बाद भी वर्ष 2009 और 2019 में आंबेडकर नगर लोकसभा सीट से बसपा उम्मीदवार ने जीत हासिल की. इससे जाहिर होता है कि आंबेडकर नगर बसपा की राजनीति के एक बड़ा केंद्र हैं.More Related News

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