
Wriddhiman Saha Profile: रोहित शर्मा को चोट लगी तो हुआ था ऋद्धिमान साहा का डेब्यू, विकेटकीपिंग में बेस्ट लेकिन किस्मत नहीं रही साथ
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ऋद्धिमान साहा पहली बार साल 2010 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल हुए थे. साल 2014 में धोनी के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद ऋद्धिमान को टेस्ट में नियमित मौके मिले.
टीम इंडिया के विकेटकीपर बल्लेबाज ऋद्धिमान साहा काफी सुर्खियों में हैं. साहा को श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए टीम से ड्रॉप कर दिया गया था, जिसके बाद उनकी नाराजगी सामने आई. साहा ने दावा किया कि मुख्य कोच राहुल द्रविड़ ने उन्हें रिटायरमेंट की सलाह दी थी. साथ ही, उन्होंने बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली को भी आड़े हाथों लिया था.
ऋद्धिमान साहा पहली बार साल 2010 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल हुए थे. जब तक एमएस धोनी रहे, टेस्ट टीम में उनकी जगह पक्की नहीं हो पाई थी. साल 2014 में धोनी के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद ऋद्धिमान को टेस्ट में नियमित मौके मिले.
वैसे, ऋद्धिमान साहा के टेस्ट डेब्यू की स्टोरी काफी दिलचस्प है. 2010 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ नागपुर टेस्ट के लिए तत्कालीन कोच गैरी कर्स्टन ने साफ कर दिया था कि वह प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नही होंगे. उस मुकाबले के लिए वीवीएस लक्ष्मण चोट से रिकवर नहीं कर पाए थे. ऐसे में लक्ष्मण की जगह रोहित शर्मा के खेलने की प्रबल संभावनाएं थी, लेकिन प्रैक्टिस के दौरान साहा के साथ रोहित शर्मा की टक्कर हो गई और वह चोटिल हो गए.

2003 के क्रिकेट वर्ल्ड फाइनल में भारतीय टीम खिताब जीतने के लिए मैदान पर उतरी थी, लेकिन कुछ ही घंटों में ये सपना टूट गया था. रिकी पोंटिंग की तूफानी पारी, वीरेंद्र सहवाग की अकेली जंग और 'स्प्रिंग बैट' की रहस्यमयी अफवाहों ने इस मुकाबले को सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि क्रिकेट इतिहास की सबसे चर्चित और यादगार कहानी बना दिया.












