
चिन्नास्वामी स्टेडियम को कर्नाटक सरकार का ग्रीन सिग्नल... अब दोबारा होंगे IPL और इंटरनेशनल मुकाबले
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IPL 2026 के दौरान चिन्नास्वामी स्टेडियम में दर्शकों की गूंज सुनाई देगी. सरकार ने स्टेडियम में मुकाबले कराने की सशर्त मंजूरी दे दी है. चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर पिछले साल जून में भगदड़ मच गई थी. ये भगदड़ आरसीबी की विक्ट्री परेड के दौरान हुई थी.
बेंगलुरु के प्रतिष्ठित एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में अब इंटरनेशनल क्रिकेट और इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की वापसी तय हो गई है. कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) को राज्य सरकार के गृह विभाग से मैचों के आयोजन के लिए आधिकारिक मंजूरी मिल गई है. यह मंजूरी कुछ शर्तों और नियमों के साथ दी गई है, जिन्हें पालन करना अनिवार्य है.
केएससीए ने एक प्रेस नोट जारी कर बताया कि उसने सुरक्षा, भीड़-प्रबंधन और स्टेडियम संचालन से जुड़ी सभी आवश्यकताओं के लिए विस्तृत रोडमैप पहले ही विशेषज्ञ समीक्षा समिति के सामने पेश कर दिया है. केएससीए की ओर से कहा गया है, 'अनुमति सरकार और संबंधित अधिकारियों की ओर से निर्धारित शर्तों के अधीन है. केएससीए को भरोसा है कि वह सभी नियमों का पूरी तरह पालन करेगा.'
चिन्नास्वामी में मची थी भगदड़ 4 जून 2025 को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की विक्ट्री परेड के दौरान चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर अफरा-तफरी मच गई थी, जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई थी. इस घटना के बाद सुरक्षा कारणों से स्टेडियम में किसी भी बड़े क्रिकेट मैच का आयोजन रोक दिया गया था. यहां तक कि विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 के मुकाबले भी चिन्नास्वामी में आयोजित नहीं हुए. महिला क्रिकेट विश्व कप 2025 और आगामी पुरुष T20 विश्व कप के लिए भी बेंगलुरु को वेन्यू नहीं बनाया गया.
दिसंबर में कर्नाटक कैबिनेट ने आईपीएल मैचों की मेजबानी के लिए सशर्त मंजूरी दी थी. नई नियुक्त KSCA अध्यक्ष वेंकटेश प्रसाद ने अपने कार्यकाल की प्राथमिकता में स्टेडियम को पुनर्जीवित करना शामिल किया था. अब सरकार से आधिकारिक मंजूरी मिलने के बाद ये साफ हो चुका है कि चिन्नास्वामी स्टेडियम एक बार फिर दर्शकों के लिए अपने दरवाजे खोलने की तैयारी में है.
ICC के टूर्नामेंट शेड्यूल पहले से तय हैं, इसलिए इस वेन्यू पर अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों की वापसी में थोड़ा समय लग सकता है. लेकिन इस साल के IPL में चिन्नास्वामी स्टेडियम मैचों की मेजबानी करता हुआ दिख सकता है. बेंगलुरु के क्रिकेट फैन्स के लिए यह एक बड़ी राहत और रोमांचक खबर है, जो लंबे समय से अपने पसंदीदा मैदान में मैचों के इंतजार में थे.

2003 के क्रिकेट वर्ल्ड फाइनल में भारतीय टीम खिताब जीतने के लिए मैदान पर उतरी थी, लेकिन कुछ ही घंटों में ये सपना टूट गया था. रिकी पोंटिंग की तूफानी पारी, वीरेंद्र सहवाग की अकेली जंग और 'स्प्रिंग बैट' की रहस्यमयी अफवाहों ने इस मुकाबले को सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि क्रिकेट इतिहास की सबसे चर्चित और यादगार कहानी बना दिया.












