
VPN मास्किंग, फर्जी नाम और फेक IP... मुकेश अंबानी को धमकाने के लिए राजवीर ने ऐसे रची थी साजिश
AajTak
उसने पहले देश के सबसे अमीर आदमी यानी मुकेश अंबानी से रंगदारी मांगी. ये रुपये नहीं देने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी और इसके लिए बाकायदा उनकी कंपनी को ई-मेल किया. पहले मेल के बाद भी जब पुलिस उस तक नहीं पहुंच सकी तो उसने एक बाद एक तीन ईमेल किए और रकम बढ़ाता गया.
मुकेश अंबानी को धमकी देकर 400 करोड़ मांगने वाले शख्स का सच सामने आ गया है. मुकेश अंबानी को धमकी देने वाला कोई माफिया, गैंगस्टर या डॉन नहीं बल्कि 20 साल का एक छात्र है. एक ऐसा छात्र जिसे कम्प्यूटर से बेहद प्यार है.
कमाल की बात ये है कि उसने मुकेश अंबानी को सिर्फ इसलिए धमकी दे डाली, क्योंकि वो ये देखना चाहता था कि उसकी इस धमकी से मुकेश या पुलिस डरेंगे या नहीं. और सबसे बड़ी बात ये कि धमकी देने वाले उस छात्र का पिता खुद एक पुलिसवाला है.
'कैच मी इफ यू कैन..' उसने पहले देश के सबसे अमीर आदमी यानी मुकेश अंबानी से 20 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी. ये रुपये नहीं देने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी और इसके लिए बाकायदा उनकी कंपनी को ई-मेल किया. पहले मेल के बाद भी जब पुलिस उस तक नहीं पहुंच सकी, तो उसने अगले ही दिन दूसरा ई-मेल कर दिया, इसके साथ ही उसने रंगदारी की रकम बढ़ा कर 20 करोड़ से सीधे 200 करोड़ कर दी.
लेकिन इससे पहले कि पुलिस उसे ट्रैक कर पाती, उसका हौसला इतना बढ़ गया कि दो दिन बाद ही उसने तीसरा ई-मेल कर दिया और इस बार रंगदारी की रकम बढ़ा कर 2 सौ से 4 सौ करोड़ कर दी, साथ ही मेल में लिखा, 'कैच मी इफ यू कैन..' यानी हर ई-मेल के साथ रंगदारी की रकम और उसका हौसला दोनों ही बढ़ता ही चला जा रहा था... लेकिन आखिरकार कानून से चल रहे इस चूहे-बिल्ली के खेल का दी एंड हो ही गया.
गुजरात का रहने वाला है शातिर आरोपी इस सिलसिले की शुरुआत शुक्रवार 27 अक्टूबर को हुई थी, जब मुकेश अंबानी के नाम पहला ई-मेल आया था. इसके बाद करीब दस दिनों भर तक मुंबई पुलिस समेत तमाम एजेंसियों की नाक में दम करने वाले इस शख्स को गुजरात की राजधानी के गांधीनगर के कल्लोल इलाके से मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने धरदबोचा. लेकिन जब उससे पूछताछ हुई, एक इतने बड़े आदमी को ताबड़तोड़ ई-मेल भेज कर उन्हें डराने की कोशिश करने और जान से मारने की धमकी देने का सबब पूछा गया, तो इस शख्स ने जो जवाब दिया, उससे सुन कर पुलिस भी हैरान रह गई.
मजाक में दी धमकी क्या आप यकीन करेंगे कि ये आदमी ये सबकुछ सिर्फ और सिर्फ मज़ाक में कर रहा था? सुन कर यकीन करना भी मुश्किल है. झुंझलाहट सी होती है, लेकिन मुंबई पुलिस की अब तक की तफ्तीश यही कहती है. पुलिस ने मुकेश अंबानी को ई-मेल भेज कर उन्हें जान से मारने की धमकी देने, रंगदारी मांगने और खुद को पकड़ने की चुनौती देने के इल्जाम में जिस शख्स को गिरफ्तार किया है, उसकी उम्र महज़ 20 साल है.

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद आमने सामने हैं. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सीधे सीधे योगी आदित्यनाथ को चुनौती दे रहे हैं तो प्रशासन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से पूछ रहा है कि बताएं वो शंकराचार्य कैसे हैं. लेकिन बात अब इससे भी आगे बढ़ गई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के विरोधी उन्हें स्वयंभू शंकराचार्य बता रेह हैं.

227 सदस्यीय BMC में बहुमत के लिए 114 सीटों की जरूरत होती है. महायुति ने 118 वार्ड जीतकर बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है. इसके बावजूद मेयर पद को लेकर सहमति नहीं बन पाई है. स्थिति तब और नाटकीय हो गई, जब शिंदे ने कथित खरीद-फरोख्त की आशंका के चलते नवनिर्वाचित 29 शिवसेना पार्षदों को सप्ताहांत में एक फाइव-स्टार होटल में ठहरा दिया.

नोएडा केवल उत्तर प्रदेश का शो विंडो नहीं है, बल्कि प्रति व्यक्ति आय, प्रति व्यक्ति कंज्यूमर शॉपिंग, प्रति व्यक्ति इनकम टैक्स, प्रति व्यक्ति जीएसटी वसूली आदि में यह शहर देश के चुनिंदा टॉप शहरों में से एक है. पर एक शहरी की जिंदगी की सुरक्षा की गारंटी नहीं देता है. बल्कि जब उसकी जान जा रही हो तो सड़क के किनारे मूकदर्शक बना देखता रहता है.

उत्तर प्रदेश की सरकार और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बीच चल रहे विवाद में नई उर्जा आई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने खुली चुनौती के साथ योगी आदित्यनाथ को उनके शंकराचार्य होने पर सवाल उठाए हैं. इस मुद्दे ने राजनीति में तेजी से हलचल मचा दी है जहां विपक्ष शंकराचार्य के समर्थन में खड़ा है जबकि भाजपा चुप्पी साधे हुए है. दूसरी ओर, शंकराचार्य के विरोधी भी सक्रिय हुए हैं और वे दावा कर रहे हैं कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ही सच्चे स्वयंभू शंकराचार्य हैं.

उत्तर प्रदेश की सियासत में उल्टी गंगा बहने लगी है. मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर हुआ विवाद अब बड़ा मुद्दा बन गया है. जहां खुद अविमुक्तेश्वरानंद के तेवर सरकार पर तल्ख हैं, तो वहीं बीजेपी पर शंकराचार्य के अपमान को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर जाकर स्नान करने से उन्हें रोका था.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.







