
Vaccination Drive: कोरोना के खिलाफ आज से 'वैक्सीन वॉर', नो-अपॉइंटमेंट सबको मुफ्त वैक्सीन देगी मोदी सरकार
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Mega Vaccination Drive: देश में 18 साल से ऊपर के हरेक नागरिक को मुफ्त में कोरोना की वैक्सीन लगनी शुरू हो गई है. हालांकि, निजी अस्पतालों में वैक्सीन के लिए पहले की तरह कीमत चुकानी होगी. सोमवार से शुरू हुए दुनिया के सबसे बड़े निशुल्क टीकाकरण अभियान को लेकर आपके राज्यों या शहरों में कैसी तैयारियां हैं, आइए जानते हैं इस रिपोर्ट में...
Mega Vaccination Drive On Yoga Day: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) से देश में 18 साल से ऊपर के हर एक नागरिक को मुफ्त में कोरोना की वैक्सीन लगेगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में मुफ्त टीकाकरण का ऐलान किया था. उन्होंने कहा था कि 21 जून से 18 साल से ज्यादा उम्र वाले हर व्यक्ति को सरकार निशुल्क टीका लगाएगी. ऐसे में सोमवार से शुरू हो रहे दुनिया के सबसे बड़े नि:शुल्क टीकाकरण अभियान को लेकर आपके राज्यों या शहरों में कैसी तैयारियां हैं, आइए जानते हैं. पहले जानिए क्या है नई वैक्सीनेशन पॉलिसी
आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









