Primary Country (Mandatory)

Other Country (Optional)

Set News Language for United States

Primary Language (Mandatory)
Other Language[s] (Optional)
No other language available

Set News Language for World

Primary Language (Mandatory)
Other Language(s) (Optional)

Set News Source for United States

Primary Source (Mandatory)
Other Source[s] (Optional)

Set News Source for World

Primary Source (Mandatory)
Other Source(s) (Optional)
  • Countries
    • India
    • United States
    • Qatar
    • Germany
    • China
    • Canada
    • World
  • Categories
    • National
    • International
    • Business
    • Entertainment
    • Sports
    • Special
    • All Categories
  • Available Languages for United States
    • English
  • All Languages
    • English
    • Hindi
    • Arabic
    • German
    • Chinese
    • French
  • Sources
    • India
      • AajTak
      • NDTV India
      • The Hindu
      • India Today
      • Zee News
      • NDTV
      • BBC
      • The Wire
      • News18
      • News 24
      • The Quint
      • ABP News
      • Zee News
      • News 24
    • United States
      • CNN
      • Fox News
      • Al Jazeera
      • CBSN
      • NY Post
      • Voice of America
      • The New York Times
      • HuffPost
      • ABC News
      • Newsy
      • USA TODAY
      • NBC News
      • CNBC
    • Qatar
      • Al Jazeera
      • Al Arab
      • The Peninsula
      • Gulf Times
      • Al Sharq
      • Qatar Tribune
      • Al Raya
      • Lusail
    • Germany
      • DW
      • ZDF
      • ProSieben
      • RTL
      • n-tv
      • Die Welt
      • Süddeutsche Zeitung
      • Frankfurter Rundschau
    • China
      • China Daily
      • BBC
      • The New York Times
      • Voice of America
      • Beijing Daily
      • The Epoch Times
      • Ta Kung Pao
      • Xinmin Evening News
    • Canada
      • CBC
      • Radio-Canada
      • CTV
      • TVA Nouvelles
      • Le Journal de Montréal
      • Global News
      • BNN Bloomberg
      • Métro
US: जैसे ही शूटर ने दबाया ट्रिगर, हरकत में आया ट्रंप की सुरक्षा में लगा स्नाइपर, 200 मीटर दूर से ही हमलावर को किया ढेर

US: जैसे ही शूटर ने दबाया ट्रिगर, हरकत में आया ट्रंप की सुरक्षा में लगा स्नाइपर, 200 मीटर दूर से ही हमलावर को किया ढेर

AajTak
Sunday, July 14, 2024 09:01:25 AM UTC

डोनाल्ड ट्रंप की हत्या के प्रयास में उनको निशाना साधकर गोली चलाने वाले एक संदिग्ध बंदूकधारी को यूएस सीक्रेट सर्विस के स्नाइपर्स ने मार गिराया. ट्रंप जिस मंच से भाषण दे रहे थे, बंदूकधारी वहां से करीब 120 मीटर दूर एक मैन्युफैक्चरिंग कंपनी की छत पर खड़ा था. यूएस सीक्रेट सर्विस के स्नाइपर ने 200 मीटर दूरी से निशाना साधा और उसकी गोली सीधे जाकर हमलावर के सिर में लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया. 

पेंसिलवेनिया के बटलर में एक रैली के दौरान डोनाल्ड ट्रंप को निशाना बनाकर हुई गोलीबारी की घटना का एक नया वीडियो फुटेज सामने आया है. इसमें देखा जा सकता है कि सीक्रेट सर्विस का एक स्नाइपर पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति पर गोली चलने से कुछ क्षण पहले संदिग्ध हमलावर को देखकर हरकत में आता है. वीडियो में स्नाइपर को ट्रंप जहां भाषण दे रहे हैं, उसके ठीक पीछे स्थित स्ट्रक्चर (वेयर हाउस या गोदाम की तरह की संरचना) के ऊपर हथियार के साथ पोजिशन संभाले हुए देखा जा सकता है. 

पहली गोली चलने से पहले स्नाइपर थोड़ा ऊपर उठकर तांकझांक करता है, शायद वह संदिग्ध हमलावर के मूवमेंट को नोटिस कर चुका होता है. फिर तुरंत हमलावर की ओर निशाना साधते हुए फायर करता है. यूएस सीक्रेट सर्विस के प्रवक्ता एंथनी गुग्लिल्मी के मुताबिक संदिग्ध हमलावर को काउंटर स्नाइपर टीम के सदस्य ने ढेर किया. स्नाइपर ने 200 मीटर दूरी से निशाना साधा और उसकी गोली सीधे जाकर हमलावर के सिर में लगी और मौके पर ही उसकी मौत हो गई. 

JUST IN: New footage shows sn*per appearing to notice the suspect just milliseconds before the man sh*t at Trump. The sn*per could be seen looking up in what appeared to be shock the moment the first bullet rang out. The suspect, who was on top of a structure, was then quickly… pic.twitter.com/zsKnu3zP5m

ट्रंप जिस मंच से भाषण दे रहे थे, बंदूकधारी वहां से करीब 120 मीटर दूर एक मैन्युफैक्चरिंग कंपनी की छत पर खड़ा था. उसने वहीं से ट्रंप पर निशाना साधकर गोलीबारी की. डोनाल्ड ट्रंप का ओपन-एयर कैम्पेन बटलर फार्म शो ग्राउंड में आयोजित किया गया था. यह इतना ओपन स्पेस था कि स्नाइपर को निशाना साधने में कोई परेशानी नहीं हुई. वह अपने स्थान से पूर्व राष्ट्रपति को बिना किसी बाधा के देख पाने में सक्षम था. सीक्रेट सर्विस के स्नाइपर ने अगर समय रहते हमलावर को नहीं देखा होता, तो शायद ट्रंप उसके सटीक निशाने पर होते.

डोनाल्ड ट्रंप ने गोलीबारी की इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एक गोली उनके दाहिने कान के ऊपरी हिस्से को चीरती हुई निकल गई. एफबीआई ने बाद में हमलावर की पहचान पेंसिल्वेनिया के 20 वर्षीय थॉमस मैथ्यू क्रुक्स के रूप में की. सीक्रेट सर्विस के एक बयान के अनुसार, शूटर ने शनिवार शाम करीब 6:15 बजे रैली स्थल के बाहर एक ऊंचे स्थान से मंच की ओर कई गोलियां चलाईं. पूर्व राष्ट्रपति और आगामी चुनाव के लिए संभावित रिपब्लिकन उम्मीदवार के रूप में, डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा की देखरेख मुख्य रूप से यूएस सीक्रेट सर्विस द्वारा की जाती है, जिसमें रैली स्थलों की सुरक्षा में स्थानीय पुलिस की सहायता भी शामिल है.

एक अन्य वीडियो में डोनाल्ड ट्रंप को पहली गोली चलने से कुछ मिलीसेकंड पहले अपना सिर दूसरी ओर झुकाते हुए देखा जा सकता है. शायद इसी कारण गोली उनके दाहिने कान को छूकर निकल जाती है, वरना यह उनके सिर में भी लग सकती थी. पूर्व राष्ट्रपति की हत्या के इस विफल प्रयास के बाद यूएस सीक्रेट सर्विस के सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठ रहे हैं. कुछ पूर्व अधिकारियों ने सवाल उठाया है कि ​आखिर ऐसे किसी साइट को स्पॉट किए बिना कैसे छोड़ा गया, जहां से डोनाल्ड ट्रंप पर सटीक निशाना साधा जा सकता था.

Read full story on AajTak
Share this story on:-
More Related News
'बांग्लादेश में होगी हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा, और भारत...', बोले तारिक रहमान कैबिनेट के हिंदू मंत्री

प्रधानमंत्री तारिक रहमान के नेतृत्व वाली नई सरकार में एकमात्र हिंदू मंत्री निताई रॉय चौधरी ने कहा है कि प्रशासन सभी अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और भारत के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कट्टरपंथ को बढ़ावा न देने का भी भरोसा दिलाया.

अगर ईरान में उतरी अमेरिकी सेना तो किसकी होगी जीत? जानें खामेनेई की असली ताकत

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच सवाल है कि ईरान पर जमीनी हमला क्यों नहीं होता. ईरान का दुर्गम भूगोल, पहाड़ी सुरक्षा कवच, अंडरग्राउंड सैन्य ढांचा, मिसाइल क्षमता और डिफेंस रणनीति उसे मजबूत बनाती है. होर्मुज स्ट्रेट और वैश्विक राजनीति भी इस जंग को जटिल और बेहद जोखिम भरा बना सकती है.

ट्रंप की 'बोर्ड ऑफ पीस' की पहली मीटिंग, गाजा पर क्या निकला हल?

वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.

इमरान खान को दो बार मिला ‘डील’ का ऑफर, फिर बिगड़ गई बात, शहबाज के करीबी का बड़ा खुलासा

पाकिस्तान में इमरान खान को दो बार समझौते का प्रस्ताव मिलने का दावा हुआ है. राणा सनाउल्लाह के मुताबिक खान पहले सहमत हुए, फिर पीछे हट गए. सरकार ने किसी डील से इनकार किया है. इमरान के स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता जताई गई है.

दिल्ली: जनकपुरी में सेंट्रो की टक्कर से मासूम की मौत, 'मदद' की बजाय तमाशबीन बने रहे लोग

दिल्ली के जनकपुरी में एक तेज रफ्तार कार की टक्कर से ई-रिक्शा पलट गया, जिससे 6 वर्षीय बच्ची की मौत हो गई और उसकी नानी घायल हो गईं. परिजनों ने राहगीरों पर मदद न करने का आरोप लगाया है.

'हम पाकिस्तान के लिए लड़ते हैं', बलूचिस्तान से BLA जवानों का नया वीडियो, सेना से लगाई गुहार

पाकिस्तान के बलूचिस्तान में बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने एक नया वीडियो जारी किया है जिसमें 7 पाकिस्तानी सैनिक हिरासत में नजर आ रहे हैं. इस वीडियो में सैनिक दावा करते दिख रहे हैं कि वो पाकिस्तानी सेना के आधिकारिक सदस्य हैं.

क्या ट्रंप अपनी जेब से देंगे 91000 करोड़ का फंड? 'बोर्ड ऑफ पीस' के लिए किया ऐलान लेकिन...

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने नियंत्रण वाले 'बोर्ड ऑफ पीस' को 10 अरब डॉलर देने की घोषणा की है. यह रकम इस साल UN को दिए जाने वाले अमेरिकी योगदान से 12 गुना ज्यादा है. फंडिंग की वैधता और प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं.

ईरान से तनाव के बीच अमेरिका का शक्ति प्रदर्शन, मध्य पूर्व में भेजे दर्जनों लड़ाकू विमान

वर्तमान समय में ईरान और अमेरिका के बीच एक तरह की कोल्ड वॉर की स्थिति बनी हुई है, जहां दोनों देश अपनी-अपनी शर्तों पर अड़े हुए हैं। हालांकि जंग अभी शुरू नहीं हुई है, लेकिन Geneva में दोनों देशों के प्रतिनिधि ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर बातचीत कर रहे हैं.

'वो साइकोपैथ था, मुझे लालच दिया और...', एपस्टीन केस की सर्वाइवर रीना ने बयां की खौफनाक दास्तां

इंडिया टुडे टीवी से खास बातचीत में रीना ओह ने एपस्टीन को एक 'रेंजिंग नार्सिसिस्ट' और 'साइकोपैथ' बताया. उन्होंने दावा किया कि एपस्टीन ने उनके साथ शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक शोषण के विभिन्न तरीकों का इस्तेमाल किया और उन्हें धमकाकर वर्षों तक चुप रहने पर मजबूर किया.

ब्रिटेन: किंग चार्ल्स के छोटे भाई एंड्रयू 11 घंटे बाद रिहा, एपस्टीन केस में पुलिस ने किया था अरेस्ट

थेम्स वैली पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर करीब 11 घंटों तक पूछताछ की. अधिकारियों ने बताया कि उन्हें जांच के तहत रिहा कर दिया गया है, जिसका मतलब है कि उन पर न तो कोई आरोप लगाया गया है और न ही उन्हें बरी किया गया है.

ईरान पर हमले के लिए ब्रिटेन ने रोका ट्रंप का रास्ता! अमेरिका को RAF एयरबेस देने से किया इनकार

अमेरिका और ईरान बीच सैन्य तनाव चरम पर है. इसके चलते मिडिल ईस्ट में महायुद्ध जैसे हालात बने हुए हैं. इस बीच ब्रिटिश सरकार ने अमेरिका के अनुरोध को यह कहते हुए इनकार कर दिया कि इस तरह के हमले में भागीदारी अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हो सकता है.

ऊंट के मुंह में जीरा! गाजा को आबाद करने के लिए डोनाल्ड ट्रंप ने जोड़े सात अरब डॉलर, समझें- नाकाफी क्यों

गाजा में शांति बहाली के लिए बोर्ड ऑफ पीस की पहली बैठक में 40 से अधिक देशों के प्रतिनिधि और लगभग एक दर्जन पर्यवेक्षक शामिल हुए, जिनमें कई मिडिल ईस्ट, यूरोप, एशिया और अन्य देशों के राजनयिक शामिल थे. 

अमेरिका ने ईरान पर रमजान में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे? देखें

आज सबसे पहले आपको उस रिपोर्ट के बारे में बताएंगे, जिसके मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है. और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है. ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे?

'शर्मनाक फैसला... बैकअप प्लान तैयार', टैरिफ को लेकर कोर्ट के फैसले पर भड़के ट्रंप

डोनाल्ड ट्रंप ने कई देशों पर लगाए गए टैरिफ को रद्द करने संबंधी अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले को 'शर्मनाक' बताते हुए उसकी कड़ी आलोचना की और कहा कि उनके पास बैकअप प्लान है. फैसले में चीफ जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स की अगुवाई वाली बेंच ने माना कि ट्रंप ने 1977 के IEEPA कानून का इस्तेमाल करते हुए अपने अधिकार से आगे बढ़कर टैरिफ लगाए.

अमेरिकी कोर्ट ने टैरिफ को माना अवैध... जानें राष्ट्रपति ट्रंप के पास अब क्या ऑप्शन हैं

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय आपातकाल कानून के तहत डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ को रद्द कर उनकी आक्रामक आर्थिक नीति को बड़ा झटका दिया है, जिससे वैश्विक व्यापार युद्ध की दिशा बदलती दिख रही है. फैसले के बाद ट्रंप के सामने तीन विकल्प बताए जा रहे हैं—इमरजेंसी पावर से सीमित अवधि तक टैरिफ जारी रखना, संसद से कानून पारित कराना या अलग-अलग देशों के साथ ट्रेड डील करना.

क्या टैरिफ से वसूली रकम वापस करेंगे ट्रंप? कैलिफोर्निया के गर्वनर ने कर दी ये मांग

अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति को गैरकानूनी करार दिया है. इस फैसले से टैरिफ को लेकर वैश्विक चर्चा तेज हो गई है, खासकर यह सवाल कि क्या अमेरिका द्वारा वसूले गए शुल्क वापस किए जाएंगे. कैलिफोर्निया के गवर्नर गैविन न्यूज़ॉम ने ट्रंप से अवैध टैरिफ राशि तुरंत सभी अमेरिकी नागरिकों को लौटाने की मांग की है.

ट्रंप नौ साल बाद करेंगे चीन का दौरा, तीन दिन की विजिट में जिनपिंग से होगी मुलाकात

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 31 मार्च से 2 अप्रैल तक चीन दौरे पर जाकर शी जिनपिंग से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे. इसे दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव कम करने की कोशिश माना जा रहा है. ट्रंप ने यह भी संकेत दिया है कि जिनपिंग साल के अंत तक व्हाइट हाउस आ सकते हैं.

डोनाल्ड ट्रंप को US सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, टैरिफ को बताया गैरकानूनी

अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति ट्रंप को बड़ा झटका देते हुए कहा है कि उनके पास टैरिफ लगाने का कानूनी अधिकार नहीं है. कोर्ट ने इस फैसले में कहा कि ट्रंप द्वारा अलग-अलग देशों पर लगाया गया टैरिफ गैरकानूनी है. यह फैसला अमेरिका की व्यापार नीतियों और वैश्विक व्यापार पर असर डाल सकता है. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि टैरिफ लगाने के लिए कानून का पालन अनिवार्य है.

ईरान ने सैन्य ठ‍िकानों को क्रांकीट से सुरक्षि‍त क‍िया, सैटेलाइट तस्वीरों में खुलासा

ईरान ने अमेरिका से बढ़ती टकराव की स्थिति के बीच अपने संवेदनशील सैन्य ठिकानों की सुरक्षा को मजबूत किया है. युद्ध के खतरे को देखते हुए नई सुरक्षा संरचनाएं और कंक्रीट की मज़बूत ढालें बनाई गई हैं ताकि सैन्य सुविधाओं को सुरक्षित रखा जा सके. हाल ही में मिल रही सैटेलाइट तस्वीरें साफ दर्शाती हैं कि ईरान ने अपने इस्फाहान न्यूक्लियर साइट पर खास कदम उठाए हैं, जो जून 2025 में अमेरिका के हमले के बाद से और अधिक सुदृढ़ किया गया है.

राष्ट्रपत‍ि डोनाल्ड ट्रंप के आगे पाक‍िस्तानी पीएम शहबाज शरीफ की जी हुजूरी, वायरल हुआ Video

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें शहबाज शरीफ को विश्व मंच पर पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व करते हुए नहीं बल्कि डोनाल्ड ट्रंप के पर्सनल असिस्टेंट जैसे व्यवहार करते देखा गया है. वीडियो और तस्वीरें स्पष्ट रूप से दिखाती हैं कि जब ट्रंप ने अपनी उंगली उठाई, तो शहबाज तुरंत अपनी कुर्सी से खड़े हो गए और जब ट्रंप ने इशारा किया तो वे आज्ञाकारी छात्र की तरह बैठ गए.

'मेरे PM मोदी से बहुत अच्छे संबंध', आजतक से बोले ब्राजील के राष्ट्रपति सिल्वा

ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा ने आजतक के साथ खास बातचीत में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुलकर बात की. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने अच्छे रिश्तों के बारे में बताया और कहा कि मोदी से बात करने के लिए उन्हें सोशल मीडिया की आवश्यकता नहीं होती, वे सीधे फोन पर बात कर लेते हैं. डोनाल्ड ट्रंप पर हल्के तंज भी उन्होंने दिए. साथ ही, महात्मा गांधी को अपने जीवन का आदर्श भी बताया जो उनके दृष्टिकोण और जीवनशैली का प्रतीक है.

अफगानिस्तान में तालिबान का आया नया कानून... पति को पत्नी को मारने की मिली खुली छूट, ये रखी गई है शर्त

दुनिया के कई मुल्कों में इन दिनों अफगानिस्तान में तालिबान शासन द्वारा लाए गए नए कानूनों की चर्चा हो रही है. अफगानिस्तान में तालिबान का नया दंड संहिता लागू किया है. जिसके तहत महिलाओं को ‘गुलाम’ के बराबर मानने का प्रावधान दिया गया है. सामाजिक वर्ग के आधार पर अलग सजा का प्रावधान लाया गया है.

'BNP ने चुनाव जीतने के लिए भारत से की सांठगांठ...', बांग्लादेश के छात्र नेता का आरोप

एनसीपी के संयोजक नाहिद इस्लाम ने आरोप लगाया है कि 13वें राष्ट्रीय चुनाव में बीएनपी ने भारत और अवामी लीग के साथ कथित साठगांठ कर जीत सुनिश्चित की. उन्होंने चुनाव परिणामों को

अमेरिका ने अगर ईरान पर हमला किया तो क्या होगा? 6 पॉइंट्स में समझें

मध्य पूर्व में बढ़ती अमेरिकी सैन्य तैनाती के बीच ईरान पर संभावित हमले की आशंकाएं तेज हैं. सीमित स्ट्राइक से लेकर शासन परिवर्तन, सैन्य शासन, क्षेत्रीय जवाबी हमले और होर्मुज स्ट्रेट में बाधा तक कई परिदृश्य सामने हैं. किसी भी कदम का असर सिर्फ ईरान नहीं, बल्कि पूरे पश्चिम एशिया की स्थिरता और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है.

इधर ट्रंप आंख दिखा रहे, इधर ईरान चुन लिया गया UN में इस बड़े पद के लिए

UN की इस कमेटी की जिम्मेदारियों में कमेटी की खास जिम्मेदारियों में इंटरनेशनल शांति और सुरक्षा बनाए रखने से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देना, झगड़ों को शांति से सुलझाना और इंटरनेशनल कानून के नियमों को मजबूत करना और उन्हें लागू करना शामिल है.

© 2008 - 2026 Webjosh  |  News Archive  |  Privacy Policy  |  Contact Us