
UP Election: यूपी के अगले तीन राउंड में अब बाहुबलियों की परीक्षा, जानें किसके टक्कर में कौन
AajTak
उत्तर प्रदेश के सियासी रण में अब हरिशंकर तिवारी और मुख्तार अंसारी के बेटे, धनंजय सिंह, रमाकांत यादव जैसे बाहुबलियों की अग्निपरीक्षा शुरू होने जा रही है. अगले तीन चरण में जहां सियासत के धुरंधरों के भविष्य का फैसला ईवीएम में कैद होगा तो वहीं बाहुबलियों के लिए भी अपनी सियासत को बचाने की चुनौती होगी.
उत्तर प्रदेश में अभी तीन चरणों में मतदान होने हैं. चुनाव अब पूर्वांचल की ओर बढ़ चला है, जहां हमेशा से बाहुबलियों का बोलबाला रहा है. ऐसे बाहुबली जो जेल में रहे हों या बाहर, सत्ता में रहे या विपक्ष में लेकिन उनकी तूती हमेशा बोली है. पूर्वांचल के इन्हीं बाहुबलियों के इर्द-गिर्द यूपी की सियासत भी घूमती रही है. इस बार विधानसभा चुनाव में इन बाहुबलियों का क्या है हाल? कौन कहां से मैदान में उतरा है? और कौन किसको चुनौती दे रहा है?

'सब देखते रहे, वो गोली चलाता रहा…' वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज हत्याकांड की चश्मदीद छात्रा शिवांगी सिंह का बयान सामने आया है. उसने बताया कि बीएससी छात्र सूर्य प्रताप सिंह को बचाने की कोशिश हुई, लेकिन हमलावर दोबारा लौटकर गोली मार गया. घटना के बाद कॉलेज सुरक्षा, प्रशासन की भूमिका और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, जिससे छात्रों में डर और आक्रोश का माहौल है.

E30 Petrol: ऑल इंडिया डिस्टिलर्स एसोसिएशन (AIDA) ने सरकार ने पेट्रोल में एथेनॉल ब्लेंडिंग 20% से बढ़ाकर 30% तक करने की मांग की है. इसके अलावा डीजल में भी एथेनॉल ब्लेंडिंग की संभावनाओं को तलाशने की बात कही जा रही है. सरकार पहले की कह चुकी है कि, एथेनॉल ब्लेंडिंग के चलते भारत ने करोड़ो बैरल कम तेल आयात किया है.

वाराणसी में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने चतुरंगिणी सेना सभा का गठन कर 27 सदस्यों की टीम बनाई और ‘रोको, टोको, ठोको’ का नारा दिया. माघ मेले की घटना के बाद शुरू हुई पहल में 10 महीने में भर्ती व प्रशिक्षण का खाका तैयार होगा. उन्होंने बताया कि संगठन का उद्देश्य सनातन प्रतीकों की रक्षा और समाज में सुरक्षा का भाव मजबूत करना है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि अमेरिका ने ईरान के पावर प्लांट पर हमले को 5 दिन तक टाल दिया है. इसके साथ ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत पर के नतीजे पर आगे का फैसला होगा. वहीं ट्रंप के इस ऐलान के बाद दुनिया के बाजारों में जबरदस्त उछाल आया है और कच्चे तेल की कीमतों में 11% की गिरावट आई है.









