
UP bypoll: आजमगढ़ उपचुनाव पर बोले BJP प्रत्याशी निरहुआ- गुड्डू जमाली से मुकाबला, सपा रेस से बाहर
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निरहुआ ने कहा कि आजमगढ़ में गुड्डू जमाली के साथ मुस्लिम हैं, समाजवादी पार्टी रेस से बाहर है. सपा का जो वोटबैंक था, वो मुझे पिछली बार कहता था कि आप क्यों चुनाव लड़ रहे हैं, हम तो अखिलेश को ही जिता रहे हैं. इस बार वही मुझे जिताने की बात कर रहे हैं.
आजमगढ़ में 23 जून को होने वाले उपचुनाव के लिए चुनाव-प्रचार थम चुका है. यहां सपा ने बदायूं से पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव को अपना प्रत्याशी बनाया है तो बीजेपी ने अपने पुराने प्रत्याशी दिनेश यादव निरहुआ पर फिर से दांव लगाया है. वहीं बसपा ने गुड्डू जमाली को टिकट दिया है. आजतक से बात करते हुए दिनेश यादव निरहुआ ने धर्मेंद्र के लड़ाई में होने से ही इनकार कर दिया. निरहुआ ने कहा कि उनकी लड़ाई बीएसपी प्रत्याशी गुड्डू जमाली से है.
निरहुआ ने कहा कि आजमगढ़ में गुड्डू जमाली के साथ मुस्लिम हैं, समाजवादी पार्टी रेस से बाहर है. सपा का जो वोटबैंक था, वो मुझे पिछली बार कहता था कि आप क्यों चुनाव लड़ रहे हैं, हम तो अखिलेश को ही जिता रहे हैं. इस बार वही मुझे जिताने की बात कर रहे हैं.
सत्ताधारी पार्टी को जिताए जनता
अखिलेश सीट छोड़कर चले गए, मुझे अच्छा अवसर मिला है. निरहुआ के आजमगढ़ ना आने पर कहा कि विपक्ष खुद के बारे में बता रहे हैं कि वह जीत गए और नहीं आए. मैं तो बार-बार आजमगढ़ आया. इस दौरान निरहुआ ने कहा कि आजमगढ़ की भलाई इसी में है कि जो पार्टी सत्ता में है, उसके साथ ही जाए. इस बार आजमगढ़ को जाति और धर्म पर वोट नहीं करना चाहिए. विकास के नाम पर करना चाहिए. सपा के प्रत्याशी पर निरहुआ ने कहा कि अखिलेश यादव मैनपुरी और इटावा से यहां प्रत्याशी भेज रहे हैं, इस बार जनता ने मन बनाया है कि यह बताए कि यहां भी चेहरे हैं. निरहुआ ने इस दौरान अग्निपथ योजना की भी तारीफ करते हुए कहा कि यह योजना देश की भलाई के लिए है.
गुड्डू जमाली ने दूसरे प्रत्याशियों को बताया बाहरी
वहीं बीएसपी प्रत्याशी गुड्डू जमाली ने कहा कि यहां कोई लड़ाई नहीं है, मैं जीत गया हूं. यह चुनाव जनता लड़ रही थी. इन लोगों को हारना नहीं है. उन्होंने दूसरी पार्टियों के प्रत्याशियों को बाहरी बताया. गुड्डू ने कहा कि यह लोग बाहर से आएंगे और सोचेंगे कि कुछ भी कर लेंगे. आजमगढ़ में बड़े से बड़े नेता पैदा हुए. गुड्डू जमाली ने अखिलेश पर बोलते हुए कहा कि वो इसलिए चुनाव लड़ने नहीं आए क्योंकि उन्हें पता है कि वो चुनाव हार रहे हैं.

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