
UP Board Evaluation Criteria: मार्किंग स्कीम जारी, 50-40-10 के फॉर्मूले से बनेगा यूपी बोर्ड का रिजल्ट
AajTak
UP Board Evaluation Criteria: तय फ़ॉर्मूले के अनुसार, 10वीं के छात्रों को कक्षा 9 के 50 प्रतिशत और 10वीं प्री बोर्ड के प्राप्तांक के 10 प्रतिशत नंबर देकर नतीजा घोषित किया जायेगा. इसी तरह इंटरमीडिएट के नतीजों के लिये 10वीं कक्षा के 50 प्रतिशत अंक, 11वीं कक्षा के 40 प्रतिशत अंक और 12वीं प्री-बोर्ड के 10 प्रतिशत अंक देकर नतीजे घोषित किये जाएंगे.
UP Board Evaluation Criteria: यूपी माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने हाई स्कूल और इंटरमीडिएट के रिजल्ट के लिये मूल्यांकन का तरीका तय कर लिया है. तय फ़ॉर्मूले के अनुसार, 10वीं के छात्रों को कक्षा 9 के 50 प्रतिशत और 10वीं प्री बोर्ड के प्राप्तांक के 10 प्रतिशत नंबर देकर नतीजा घोषित किया जायेगा. इसी तरह इंटरमीडिएट के नतीजों के लिये 10वीं कक्षा के 50 प्रतिशत अंक, 11वीं कक्षा के 40 प्रतिशत अंक और 12वीं प्री-बोर्ड के 10 प्रतिशत अंक देकर नतीजे घोषित किये जाएंगे. इस मामले में शिक्षा विभाग को लोगों से 3910 सुझाव भी मिले थे. सुझाव देने वाले लोगों में विधायक, शिक्षक, शिक्षाविद् और अभिभावकों के सुझाव आये हैं.
आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









